Adani Group Stocks: विदेशी दबाव के बावजूद डोमेस्टिक फंड्स की एंट्री! अब दिखेगी स्थिरता?

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AuthorNeha Patil|Published at:
Adani Group Stocks: विदेशी दबाव के बावजूद डोमेस्टिक फंड्स की एंट्री! अब दिखेगी स्थिरता?
Overview

भारतीय शेयर बाज़ार भले ही ग्लोबल रैंकिंग में पिछड़ गया हो, लेकिन Adani Group की कंपनियों पर डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) का भरोसा बढ़ रहा है। ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) और एनर्जी ट्रांज़िशन (Energy Transition) पर फोकस करने की वजह से फंड हाउसेस (Fund Houses) अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। यह तब हो रहा है जब ग्रुप अभी भी अमेरिकी रेगुलेटरी जांच (US Regulatory Scrutiny) और बड़े विदेशी निवेश (Foreign Investor Outflows) के दबाव से उबरने की कोशिश कर रहा है।

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बाज़ार रैंकिंग में फिसड्डी

हाल ही में भारतीय शेयर बाज़ार दुनिया की छठी सबसे बड़ी इक्विटी मार्केट (Equity Market) की पोजीशन खो चुका है। इसे ताइवान और साउथ कोरिया ने पीछे छोड़ दिया है। इसकी मुख्य वजह है सेक्टर में बड़ा अंतर। जहाँ एक तरफ ग्लोबल पैसा AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों जैसे Samsung Electronics और SK Hynix में तेजी से निवेश कर रहा है, जिन्होंने इस साल अब तक क्रमशः 180% और 248% का रिटर्न दिया है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय इंडिसेज (Indices) लगातार विदेशी संस्थागत बिकवाली (Foreign Institutional Selling) से जूझ रहे हैं। इस साल डोमेस्टिक बेंचमार्क से लगभग $26 बिलियन का आउटफ्लो हुआ है, साथ ही करेंसी में गिरावट और कॉर्पोरेट अर्निंग ग्रोथ (Corporate Earnings Growth) को लेकर चिंताएं भी हावी हैं।

Adani Group का बढ़ता डोमेस्टिक फोकस

इस बड़े डोमेस्टिक गिरावट के बीच, Adani Group संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) के लिए एक खास फोकस बनकर उभरा है। सालों से, इस समूह में डोमेस्टिक म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी बहुत कम थी, लेकिन अब यह तस्वीर बदल रही है। SBI Mutual Fund और Birla MF जैसे बड़े फंड हाउसेस ने ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी काफी बढ़ा दी है। यह निवेश सिर्फ अनुमान पर आधारित नहीं है; यह Adani के मज़बूत इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट्स (Infrastructure Assets) की ओर पोर्टफोलियो (Portfolio) को मोड़ने का संकेत है। ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी, Adani Enterprises, अब ऐसे मॉडल पर काम कर रही है जहाँ 80% EBITDA कॉन्ट्रैक्टेड, लॉन्ग-टर्म इंफ्रास्ट्रक्चर और माइनिंग सर्विसेज से आता है। यह स्ट्रक्चरल बदलाव कमाई की एक ऐसी विज़िबिलिटी देता है जो ऐसे अस्थिर बाज़ार माहौल में फंड मैनेजर्स के लिए काफी आकर्षक है।

जोखिम और रेगुलेटरी चिंताएं

हालिया खरीदारी के बावजूद, ग्रुप अभी भी कुछ बड़े स्ट्रक्चरल जोखिमों का सामना कर रहा है जो कुछ सतर्क निवेशकों के उत्साह को कम करते हैं। रेगुलेटरी अड़चनें एक बड़ा मुद्दा बनी हुई हैं। मई 2026 में अमेरिकी ट्रेजरी (US Treasury) के साथ $275 मिलियन का सेटलमेंट होने के बावजूद, बाज़ार अभी भी अमेरिकी जांच की संभावनाओं पर प्रतिक्रिया दे रहा है। इतिहास गवाह है कि इस तरह की खबरों से अक्सर 3% से 20% तक की तेज़ गिरावट देखी गई है। इसके अलावा, वैल्यूएशन (Valuation) भी काफी ज़्यादा है। उदाहरण के लिए, Adani Green Energy का P/E रेश्यो 150 से ऊपर है, और Adani Energy Solutions का P/E 80 से ज़्यादा है। ये मल्टीपल्स (Multiples) पावर यूटिलिटी सेक्टर के औसत 26 के मुकाबले बहुत ज़्यादा हैं। ग्रुप का डेट-टू-इक्विटी रेश्यो (Debt-to-Equity Ratios) और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) प्लान आक्रामक विस्तार दिखाते हैं, लेकिन ये कंपनियों को ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव और भविष्य में लिक्विडिटी (Liquidity) की कमी के प्रति बेहद संवेदनशील बनाते हैं।

आगे का रास्ता

फिलहाल, निवेशकों का सेंटिमेंट (Sentiment) इस बात पर निर्भर करेगा कि ग्रुप अपने पुराने मॉडल से हटकर नए इंफ्रास्ट्रक्चर फोकस पर कितना सफल रहता है। ब्रोकरेज (Brokerage) का ध्यान अब Khavda रिन्यूएबल एनर्जी साइट (Renewable Energy Site) और पोर्ट एक्सपेंशन (Port Expansions) जैसे बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्रोजेक्ट्स से होने वाले कैश फ्लो (Cash Flow) की स्थिरता पर है। अगर ग्रुप अपनी पारदर्शिता और ऑपरेशनल स्थिरता बनाए रखता है, तो यह भारतीय बाज़ार की कमजोरी से अलग अपनी राह बना सकता है। हालाँकि, ऊंचे वैल्यूएशन मल्टीपल्स पर निर्भरता का मतलब है कि रेगुलेटरी माहौल में कोई भी बड़ा बदलाव या इंफ्रास्ट्रक्चर लागू करने में देरी, संस्थागत निवेशकों द्वारा बड़ी बिकवाली को ट्रिगर कर सकती है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.