निवेशकों का बदला मिजाज: घरेलू फंड्स का बढ़ता दखल
हाल ही में हुए बड़े ब्लॉक डील सिर्फ बाजार की भागीदारी नहीं, बल्कि निवेशकों के बीच एक बड़े बदलाव को दर्शाते हैं। जहां GQG Partners जैसे विदेशी फंड्स ने शॉर्ट-सेलर मामले के बाद ग्रुप को सहारा दिया था, वहीं अब SBI Mutual Fund और Birla Mutual Fund जैसे घरेलू फंड्स भारी मात्रा में हिस्सेदारी खरीद रहे हैं। यह Adani Group की इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर घरेलू संस्थानों की पकड़ मजबूत होने का संकेत है। विदेशी प्राइवेट इक्विटी से घरेलू पब्लिक फंड्स की ओर यह बदलाव, Adani Enterprises और Adani Energy Solutions जैसी कंपनियों के वैल्यूएशन को स्थिर करने में मदद कर सकता है।
वैल्यूएशन और मार्केट पोजिशनिंग: ₹20 लाख करोड़ के करीब मार्केट कैप
Adani Group की कंपनियों ने 2023 के हिंडनबर्ग रिसर्च मामले के कारण हुए मार्केट कैप के नुकसान को लगभग पाट लिया है। ग्रुप का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन अब लगभग ₹20 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है। हालांकि, Adani Enterprises जैसी फ्लैगशिप कंपनियों का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो अभी भी सेक्टर के बेंचमार्क से ऊपर है। यह निवेशकों की भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों को दर्शाता है। Bernstein जैसे रिसर्च हाउसेज का मानना है कि रेगुलेटरी जांच का सबसे बुरा दौर बीत चुका है, लेकिन वैल्यूएशन में यह प्रीमियम इस बात का संकेत है कि बाजार सिर्फ रिकवरी नहीं, बल्कि तेज ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है।
अंदरूनी जोखिम: कर्ज और निर्भरता की कहानी
शेयरों में रिकवरी के बावजूद, ग्रुप के सामने कुछ संरचनात्मक जोखिम बने हुए हैं। मुख्य कंपनियों पर भारी कर्ज एक चिंता का विषय है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक ब्याज दरें संवेदनशील बनी हुई हैं। घरेलू संस्थागत पूंजी पर निर्भरता, विदेशी बिकवाली से तो बचा सकती है, लेकिन यह एक निर्भरता का जाल भी बना सकती है। अगर घरेलू लिक्विडिटी टाइट होती है या रिटेल फंड का इनफ्लो धीमा पड़ता है, तो इन केंद्रित पोजीशन पर दबाव आ सकता है। इसके अलावा, हालांकि अमेरिकी DOJ और अन्य जांचों में कमी आई है, ग्रुप की जटिल क्रॉस-होल्डिंग स्ट्रक्चर और संबंधित पार्टी लेनदेन का इतिहास लंबे समय तक शासन (governance) से जुड़े जोखिम पैदा कर सकते हैं।
आगे का रास्ता: ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन पर फोकस
अब बाजार की निगाहें ऐतिहासिक सुधारों से हटकर ग्रुप की ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स विस्तार योजनाओं के ऑपरेशनल एग्जीक्यूशन पर शिफ्ट हो गई हैं। विश्लेषकों को उम्मीद है कि वैल्यूएशन में अगला मूवमेंट तिमाही नतीजों और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के सफल होने से तय होगा। ग्रुप अपने 2023 से पहले के वैल्यूएशन को लगभग हासिल कर चुका है, ऐसे में वोलेटिलिटी की संभावना बनी हुई है। अब संस्थागत समर्थन स्तर (institutional support levels) ही आगे की बड़ी गिरावट से बचाने वाले मुख्य कारक होंगे।
