Adani Airport Holdings ने **₹1,000 करोड़** जुटाने के लिए **3 साल** के बॉन्ड जारी किए हैं, जिस पर **8.96%** का ब्याज दर तय किया गया है। इसका मुख्य मकसद एयरपोर्ट नेटवर्क का आधुनिकीकरण करना है।
फंडिंग की पूरी गणित
Adani Airport Holdings ने भारतीय बाजार से ₹1,000 करोड़ की पूंजी जुटाई है। यह बॉन्ड इश्यू 3 साल की मैच्योरिटी के साथ आया है और कंपनी इस पर सालाना 8.96% का कूपन रेट (ब्याज) देगी, जिसका भुगतान हर तिमाही किया जाएगा।
क्यों लिया यह फैसला?
RBI की आगामी मौद्रिक नीति बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली है, जिससे पहले कई बड़ी कंपनियां अपने उधार की लागत को फिक्स करना चाहती हैं। यह बॉन्ड जारी कर कंपनी ने एक तरह से ब्याज दरों में होने वाले संभावित बदलावों के खिलाफ बचाव (hedge) किया है। यह पैसा मुख्य रूप से एयरपोर्ट्स की क्षमता बढ़ाने और यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण पर खर्च किया जाएगा।
पहले भी जुटा चुकी है बड़ी रकम
यह कोई पहला मौका नहीं है जब कंपनी ने बड़े स्तर पर फंड जुटाया हो। इससे पहले कंपनी Temasek, BlackRock, Alpha Wave Global और Premji Invest जैसे बड़े निवेशकों से लगभग $1 बिलियन जुटा चुकी है। उस दौरान कंपनी का वैल्यूएशन करीब $18 बिलियन आंका गया था।
निवेशकों के लिए क्या है मायने?
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है। हालांकि, यह बॉन्ड बैंक लोन पर निर्भरता कम करते हैं, लेकिन इनके साथ हर साल का ब्याज चुकाने की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। भविष्य में कंपनी की परफॉर्मेंस इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने एयरपोर्ट्स के रेवेन्यू से कैसे इन लोन की किस्तें भरती है और प्रोजेक्ट्स को कितनी समयसीमा के भीतर पूरा करती है।
