Aavas Financiers Limited ने Q3 FY26 के शानदार नतीजों के साथ अपनी वित्तीय परफॉर्मेंस को और मजबूत किया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट 16% ईयर-ऑन-ईयर (YoY) बढ़कर ₹1,700 मिलियन (₹1.70 बिलियन) पर पहुंच गया। इस ग्रोथ का मुख्य श्रेय नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 17% की प्रभावशाली बढ़त को जाता है, जिससे कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी में इजाफा हुआ। इसके साथ ही, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 27 बेसिस पॉइंट्स (bps) सुधरकर 8.01% हो गया, जो बेहतर एसेट्स से कमाई को दर्शाता है। कंपनी का स्प्रेड (Spread) भी 40 बेसिस पॉइंट्स (bps) बढ़कर 5.34% हो गया, जो मुख्य रूप से बोरिंग कॉस्ट (borrowing costs) में 56 bps की कमी आकर 7.68% पर पहुंचने से संभव हुआ।
प्रॉफिटेबिलिटी और एफिशिएंसी (efficiency) के मोर्चे पर भी कंपनी ने अच्छी तरक्की दिखाई। रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) में 6 bps का सुधार हुआ और यह 3.43% पर आ गया, वहीं रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 8 bps बढ़कर 14.29% पर पहुंच गया। ऑपरेशनल एफिशिएंसी में भी सुधार देखने को मिला, जहां Opex-to-Assets रेश्यो में 7 bps की कमी आकर यह 3.44% पर आ गया। कॉस्ट-टू-इनकम (Cost-to-Income) रेश्यो में तो 75 bps की बड़ी गिरावट आई और यह 42.9% पर पहुंच गया।
एसेट क्वालिटी (Asset Quality) की बात करें तो कंपनी ने इस पर भी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। 1+ दिन की देरी वाले पेमेंट (DPD) में 19 bps का सुधार आया और यह 3.80% पर आ गया, जबकि ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) भी 5 bps कम होकर 1.19% पर दर्ज किए गए। क्रेडिट कॉस्ट (Credit Costs) 16 bps पर स्टेबल रही, और मैनेजमेंट का लक्ष्य इसे 25 bps से नीचे बनाए रखने का है।
नौ महीनों (9MFY26) के आंकड़ों पर नज़र डालें तो, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 15% की जोरदार बढ़ोतरी हुई, जो अब ₹2,22,035 मिलियन (₹222.04 बिलियन) के आंकड़े को पार कर गया है। नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 16% का इजाफा देखने को मिला, जबकि प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 13% की बढ़त के साथ ₹4,739 मिलियन (₹4.74 बिलियन) पर पहुंच गया। कंपनी की नेट वर्थ (Net Worth) में भी 16% की कंसिस्टेंट ग्रोथ दर्ज की गई, जो ₹48,581 मिलियन (₹48.58 बिलियन) हो गई है।
कंपनी ने कई महत्वपूर्ण माइलस्टोन भी पार किए हैं। इसका बैलेंस शीट साइज ₹20,000 करोड़ (₹200 बिलियन) से ऊपर चला गया है। फंड जुटाने के मोर्चे पर, Aavas Financiers ने ₹975 करोड़ (USD 108 मिलियन) का अब तक का सबसे बड़ा नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) इश्यू सफलतापूर्वक पूरा किया है, जिससे कंपनी की फंडिंग प्रोफाइल और मजबूत हुई है। टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कंपनी ने कस्टमर के लोन एप्लीकेशन को अप्रूव करने का समय 13 दिनों से घटाकर सिर्फ 6 दिन कर दिया है। इसके अलावा, 2,800 से ज़्यादा ग्राहकों को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY 2.0) जैसी सरकारी योजनाओं का फायदा मिला, जिससे उन्हें ₹90 मिलियन से अधिक की सब्सिडी मिली।
मैनेजिंग डायरेक्टर (Managing Director) और चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (Chief Executive Officer) ने हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के लिए एक पॉजिटिव आउटलुक (outlook) जताया है। उनका मानना है कि अनुकूल मैक्रो और पॉलिसी डेवलपमेंट (macro and policy developments), फेवरेबल इंटरेस्ट रेट्स (favorable interest rates) और अफोर्डेबल हाउसिंग (affordable housing) पर लगातार फोकस से सेक्टर में ग्रोथ जारी रहेगी। कंपनी गवर्नेंस, एसेट क्वालिटी, प्रॉफिटेबिलिटी और ग्रोथ (GAPG) के अपने मूल सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध है, और शेयरहोल्डर वैल्यू बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाना जारी रखेगी।
