Aavas Financiers ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में धमाकेदार प्रदर्शन के साथ बाज़ार को चौंका दिया है। कंपनी के डिस्बर्समेंट रिकॉर्ड ₹23.5 बिलियन तक पहुँच गए, जो पिछले क्वार्टर की तुलना में 36% अधिक हैं। इसी के साथ, कंपनी के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 8.45% और 1+ दिन की देरी से भुगतान (1+ DPD) का अनुपात घटकर 3.17% हो गया। इस मज़बूत ऑपरेशनल प्रदर्शन ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए कंपनी के नेट प्रॉफिट को 14% बढ़ाकर ₹6.56 बिलियन कर दिया, जबकि प्रबंधन के तहत संपत्ति (AUM) 15% बढ़कर ₹234.5 बिलियन तक पहुँच गई।
इस बेहतरीन रिकवरी की कहानी कंपनी के अंदर हुए बड़े बदलावों से भी जुड़ी है। CVC Capital Partners ने 26.47% हिस्सेदारी खरीदकर नए प्रमोटर के तौर पर एंट्री ली है। साथ ही, मिस्टर मनु सिंह को मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO तथा मिस्टर रिपुदमन बंडराल को चीफ बिज़नेस ऑफिसर नियुक्त किया गया है, जिन्होंने कंपनी की स्ट्रेटेजिक दिशा को नई राह दिखाई है।
Q4 के इन दमदार नतीजों का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया। 5 मई 2026 को Aavas Financiers का शेयर 4.81% की जोरदार तेज़ी के साथ ₹1,448.00 पर बंद हुआ। यह उछाल निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है, जो कंपनी की ऑपरेशनल रिकवरी, बेहतर NIMs और एसेट क्वालिटी मेट्रिक्स से उत्साहित हैं। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (Market Capitalization) इस समय लगभग ₹11,469 करोड़ है।
हालांकि, एनालिस्ट्स की राय इस पर बंटी हुई है। जहां ICICI Securities ने 'BUY' रेटिंग और ₹1,725 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है, वहीं Motilal Oswal ने 'Neutral' रिकमेंडेशन देते हुए टारगेट प्राइस ₹1,500-₹1,650 के बीच रखा है। बाज़ार में यह चिंता बनी हुई है कि क्या कंपनी फंडिंग कॉस्ट में बढ़ोतरी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपने उच्च NIMs को लंबे समय तक बनाए रख पाएगी। एनालिस्ट्स का यह भी मानना है कि CVC Capital Partners की एंट्री और नए लीडरशिप के साथ इंटीग्रेशन रिस्क जुड़े हुए हैं।
कंपनी का मौजूदा P/E रेश्यो लगभग 18.45x है, जो एक सामान्य रेंज में है। लेकिन, पिछले एक साल में शेयर की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जो ₹1,060.40 के न्यूनतम स्तर से ₹2,152.90 के उच्चतम स्तर तक गया है।
मैनेजमेंट ने FY27 के लिए 20% से अधिक AUM ग्रोथ और मिड-टीएन रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपनी डिजिटल प्लेटफॉर्म को मज़बूत करने, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने और क्रेडिट क्वालिटी बनाए रखने पर पूरा फोकस कर रही है।
कुल मिलाकर, Aavas Financiers के लिए Q4 के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, लेकिन एनालिस्ट्स के बीच मतभेद और इंडस्ट्री की चुनौतियाँ यह तय करेंगी कि कंपनी अपनी इस रिकवरी को कितनी देर तक बनाए रख पाती है।
