Aadhar Housing Finance Share: निवेशकों के लिए खुशखबरी! Q1 में **19%** बढ़ा मुनाफा, शेयर में आई तेजी

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AuthorNeha Patil|Published at:
Aadhar Housing Finance Share: निवेशकों के लिए खुशखबरी! Q1 में **19%** बढ़ा मुनाफा, शेयर में आई तेजी

Aadhar Housing Finance ने नए फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **19%** बढ़कर **₹282 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी के लोन पोर्टफोलियो में **18%** का इजाफा देखा गया, जो कि **₹31,364 करोड़** तक पहुंच गया।

दमदार नतीजों से Aadhar Housing Finance की चमक बढ़ी

Aadhar Housing Finance Ltd ने फर्स्ट क्वार्टर के नतीजे पेश करते हुए निवेशकों को खुश कर दिया है। कंपनी ने ₹282 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹237 करोड़ था। यह 19% की सीधी बढ़ोतरी दिखाता है। कंपनी का रेवेन्यू भी 17.1% बढ़कर ₹992.8 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल यह ₹848.1 करोड़ था।

लोन पोर्टफोलियो और एसेट क्वालिटी में सुधार

कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM), यानी कुल मैनेज किए जा रहे लोन का मूल्य, 18% की सालाना बढ़ोतरी के साथ ₹31,364 करोड़ पर पहुंच गया है। यह वृद्धि 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 628 ब्रांचों के नेटवर्क का नतीजा है। कंपनी 3.4 लाख से ज्यादा व्यक्तिगत लोन खातों को संभाल रही है।

एसेट क्वालिटी की बात करें तो, कंपनी का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) रेशियो 1.3% पर स्थिर बना हुआ है। यह निवेशकों के लिए एक अहम पैमाना है। कंपनी ने 14.7% का रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) और 4.0% का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) भी दर्ज किया है, जो कंपनी की पूंजी को प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने की क्षमता को दर्शाता है।

किफायती आवास पर फोकस बरकरार

Aadhar Housing Finance मुख्य रूप से कम आय वाले घरों के लिए फाइनेंसिंग सेक्टर में काम करती है। मैनेजमेंट का कहना है कि कंपनी 'अर्बन और इमर्जिंग' ब्रांच मॉडल के जरिए ऐसे बाजारों में अपनी पैठ बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है जहां सेवाओं की कमी है। फिजिकल विस्तार के साथ-साथ, कंपनी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए, ऑपरेशनल प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए टेक्नोलॉजी और AI-आधारित फ्रेमवर्क में निवेश कर रही है।

निवेशकों के लिए, कंपनी का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वह किफायती आवास सेगमेंट में अपने लोन बुक को कितना बढ़ा पाती है और क्रेडिट रिस्क को कैसे मैनेज करती है। ब्याज दरों के रुझान और किफायती घरों की मांग पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। यह देखना होगा कि कंपनी अपनी ब्रांच नेटवर्क बढ़ाते हुए मौजूदा रिटर्न रेशियो और स्थिर एसेट क्वालिटी को बनाए रख पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.