नतीजों की पूरी कहानी
कंपनी ने Q3 और 9M FY26 के लिए अपने अन-ऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पेश किए हैं। Q3 FY26 में PAT में 23% की मजबूत ईयर-ऑन-ईयर (YoY) ग्रोथ देखने को मिली, जो ₹294 करोड़ रहा। वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों (9M FY26) में PAT 20% YoY बढ़कर ₹797 करोड़ हो गया। यह आंकड़े ₹16 करोड़ (नेट ऑफ टैक्स ₹12 करोड़) के पास्ट सर्विस कॉस्ट इंपैक्ट को छोड़कर हैं।
एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में भी शानदार तेजी देखी गई। 31 दिसंबर, 2025 तक यह 20% YoY बढ़कर ₹28,790 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की डिस्पर्समेंट्स (Disbursements) यानी लोन बांटने की गति भी बढ़ी है। Q3 FY26 में यह 14% YoY बढ़कर ₹2,380 करोड़ रही, जबकि 9M FY26 में 15% YoY बढ़कर ₹6,469 करोड़ हो गई। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी की नेटवर्थ (Networth) ₹7,185 करोड़ थी, जो पिछले साल की तुलना में 18% ज्यादा है।
क्वालिटी और मैनेजमेंट का भरोसा
9M FY26 के लिए रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) मामूली सुधरकर 4.4% रहा। हालांकि, 9M FY26 के लिए रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) 15.6% दर्ज किया गया, जो पिछले साल से 115 bps कम है। इस गिरावट का मुख्य कारण मई 2024 में हुए ₹1000 करोड़ के कैपिटल इन्फ्यूजन (पूंजी निवेश) का हाई बेस इफेक्ट बताया गया है। अच्छी बात यह है कि Q3 FY26 के लिए ROE में सुधार देखा गया और यह 16.5% रहा, जो पिछले साल की तुलना में 70 bps ज्यादा है। AUM पर ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) 1.38% पर स्थिर बने हुए हैं।
कंपनी का मैनेजमेंट अपने इस फाइनेंशियल ईयर के AUM और प्रॉफिट गाइडेंस को लेकर काफी आश्वस्त है। मैनेजमेंट के मुताबिक, कम आय वाले परिवारों के लिए किफायती आवास क्षेत्र के अनुकूल मैक्रो इकोनॉमिक माहौल, PMAY 2.0 जैसी सरकारी योजनाएं और खरीदारों का मजबूत सेंटिमेंट ग्रोथ को बढ़ावा देंगे। Aadhar Housing Finance अपने डिजिटल-फर्स्ट ऑपरेटिंग मॉडल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। कंपनी AI, खासकर AI-लेड अंडरराइटिंग को-पायलट को पूरे एंटरप्राइज में लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि ऑपरेशनल एफिशिएंसी, गवर्नेंस और रिस्क मैनेजमेंट को और मजबूत किया जा सके। कंपनी का मुख्य लक्ष्य निम्न-आय वर्ग के परिवारों को घर का मालिक बनाना और वित्तीय समावेशन को बढ़ाना है।