AU Small Finance Bank ने बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अगस्त 2026 तक बैंक का व्हीकल लोन पोर्टफोलियो **₹50,000 करोड़** के आंकड़े को पार कर गया है। बैंक के कुल लोन बुक का एक-तिहाई हिस्सा इसी सेगमेंट से आता है, जो इसके 'यूनिवर्सल बैंक' बनने के सफर में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
पोर्टफोलियो का विस्तार और आंकड़े
यह कामयाबी बैंक की गहरी पैठ को दर्शाती है। आज बैंक देश भर की करीब 2,000 लोकेशन्स पर 13.7 लाख से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है। अगर पोर्टफोलियो के बंटवारे की बात करें, तो:
- न्यू व्हीकल फाइनेंस: ₹30,752 करोड़ के साथ सबसे बड़ा हिस्सा।
- प्री-ओन्ड व्हीकल फाइनेंस: ₹17,966 करोड़।
- टू-व्हीलर फाइनेंस: ₹1,767 करोड़।
शानदार ग्रोथ रेट
यह सेगमेंट बैंक के लिए हमेशा से ग्रोथ का इंजन रहा है। बैंक ने इसमें 3 साल की CAGR 26% और 5 साल की CAGR 29% दर्ज की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) से 'यूनिवर्सल बैंक' के रूप में काम करने की इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिलने के बाद, मैनेजमेंट इस व्हीकल फाइनेंस फ्रेंचाइजी को विस्तार का मुख्य जरिया मान रहा है।
निवेशकों के लिए जरूरी बातें
तेजी के साथ-साथ कुछ चुनौतियां भी हैं जिन पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए। बैंक का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि वे बढ़ती प्रतिस्पर्धा और डिपॉजिट कॉस्ट के बीच अपने नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को कैसे मैनेज करते हैं। साथ ही, यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस के ट्रांजिशन के दौरान ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और एसेट क्वालिटी पर कंपनी का फोकस कैसा रहता है, यह शेयरधारकों के लिए अहम होगा। आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स यह साफ करेंगे कि इस लोन ग्रोथ का कंपनी के मुनाफे पर कितना असर पड़ा है।
