AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का मुनाफा 37% उछला, Q1 में ₹796 करोड़ का रिकॉर्ड लाभ!

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AuthorMehul Desai|Published at:
AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का मुनाफा 37% उछला, Q1 में ₹796 करोड़ का रिकॉर्ड लाभ!

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल **37%** बढ़कर **₹796 करोड़** रहा। यह बढ़ोतरी नेट इंटरेस्ट इनकम में **32%** की शानदार ग्रोथ और बेहतर एसेट क्वालिटी की बदौलत हुई है। बैंक ने अपनी लीडरशिप को भी मजबूत किया है, योगेश जैन अब डिप्टी सीईओ होंगे।

Detailed Coverage

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक की दमदार Q1 परफॉरमेंस

AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कमाल का प्रदर्शन किया है। बैंक का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹796 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 37% ज्यादा है। इस शानदार ग्रोथ की मुख्य वजह बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 32% की जोरदार बढ़ोतरी रही, जो ₹2,695 करोड़ तक पहुंच गई। सबसे खास बात यह है कि बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में 47 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ और यह 5.9% पर आ गया।

लोन और डिपॉजिट में मजबूत ग्रोथ

बैंक के कुल डिपॉजिट में 24% की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अब ₹1.58 लाख करोड़ हो गए हैं। वहीं, ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो 23% बढ़कर ₹1.44 लाख करोड़ पर पहुंच गया। इस तिमाही में लोन के नए बांटप (disbursements) में 42% की जबरदस्त उछाल देखी गई। सिक्योर्ड लेंडिंग (Secured Lending), जिसमें रिटेल और कमर्शियल दोनों शामिल हैं, 25% बढ़ी, जबकि अनसिक्योर्ड लोंस (Unsecured Loans) में 11% की बढ़ोतरी हुई। इस बिजनेस ग्रोथ के बावजूद, बैंक का CASA रेशियो (करंट और सेविंग अकाउंट में जमा राशि का अनुपात) 29% पर स्थिर बना रहा, जो बताता है कि बैंक के पास कम लागत पर फंड की अच्छी उपलब्धता है।

एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी (Asset Quality) के मेट्रिक्स में भी इस तिमाही में काफी सुधार देखने को मिला। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA), यानी खराब लोन का अनुपात, पिछले साल के 2.47% से घटकर 2.10% हो गया। इसी तरह, नेट एनपीए (Net NPA) भी 0.88% से सुधरकर 0.76% पर आ गया। बैंक ने यह भी बताया कि नए स्लिपेज (New Slippages) यानी नए डूबे कर्जों में 22% की कमी आई और यह ₹798 करोड़ पर आ गए। क्रेडिट कॉस्ट (Credit Cost), यानी संभावित लोन हानियों के लिए अलग रखी गई राशि, भी पिछले साल के 1.4% से घटकर 0.8% वार्षिक हो गई। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (Provision Coverage Ratio) 85% पर मजबूत बना हुआ है।

लीडरशिप में बड़ा बदलाव

अपने बढ़ते स्केल और 1.25 करोड़ से ज्यादा ग्राहकों को संभालने के लिए बैंक ने लीडरशिप में एक अहम बदलाव किया है। योगेश जैन, जो पहले चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के तौर पर काम कर रहे थे, अब 25 जुलाई, 2026 से डिप्टी सीईओ (Deputy CEO) का पद संभालेंगे। वह मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ संजय अग्रवाल को रिपोर्ट करते रहेंगे। यह कदम बैंक के विस्तार की योजनाओं के अनुरूप है, जिसमें इस तिमाही में 16 नई लायबिलिटी ब्रांचें खोली गईं। निवेशक बैंक के भविष्य के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए ब्याज दरों में बदलाव के बीच नेट इंटरेस्ट मार्जिन बनाए रखने की बैंक की क्षमता, ब्रांचों के विस्तार की गति और अनसिक्योर्ड लोन पोर्टफोलियो के दीर्घकालिक प्रदर्शन पर ध्यान दे सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.