AU Small Finance Bank: डेटा लीक मामले में बड़ी जांच, **28.5 लाख** ग्राहकों का डेटा खतरे में!

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
AU Small Finance Bank: डेटा लीक मामले में बड़ी जांच, **28.5 लाख** ग्राहकों का डेटा खतरे में!

AU Small Finance Bank के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बैंक के व्हीकल लोन ग्राहकों से जुड़ा डेटा लीक होने की आशंका जताई जा रही है, जो एक थर्ड-पार्टी प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। बैंक ने स्पष्ट किया है कि उनके इंटरनल सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित हैं।

क्या है पूरा मामला?

बैंक ने एक फॉरेन्सिक जांच शुरू कर दी है, जो व्हीकल लोन ऑनबोर्डिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एक थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म से संबंधित है। 'ScarlettGroup' नामक एक समूह के दावों के बाद यह मामला सामने आया है, जिसमें करीब 28.5 लाख ग्राहकों के रिकॉर्ड प्रभावित होने की बात कही गई है। बैंक ने 2 नवंबर, 2026 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को दी गई जानकारी में पुष्टि की है कि वे साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के साथ मिलकर इसकी गहराई से जांच कर रहे हैं।

बैंक का क्या है कहना?

निवेशकों और ग्राहकों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि बैंक का कोर इंटरनल बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह अलग और सुरक्षित है। बैंक ने साफ किया है कि ट्रांजेक्शन और सेविंग्स सिस्टम सुरक्षित हैं, क्योंकि यह घटना केवल एक थर्ड-पार्टी पोर्टल तक सीमित है।

रेगुलेटरी एक्शन और भविष्य का रिस्क

बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और CERT-In को इस घटना की सूचना दे दी है। मौजूदा डिजिटल दौर में बैंक थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर पर काफी निर्भर हैं, जिससे ऐसे वेंडर रिस्क बढ़ जाते हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि जांच के बाद क्या कोई रेगुलेटरी पेनल्टी लगती है या बैंक को अपने सिक्योरिटी ऑडिट और टेक्नोलॉजी खर्च को और बढ़ाना पड़ता है। आने वाले समय में बैंक की पारदर्शिता ही निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए सबसे बड़ी कुंजी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.