AU Small Finance Bank में डेटा सिक्योरिटी को लेकर एक बड़ी चिंता सामने आई है। बैंक के व्हीकल लोन से जुड़ी एक थर्ड-पार्टी Salesforce प्लेटफॉर्म पर डेटा लीक का दावा किया गया है, जिसके बाद बैंक के शेयरों में **1.6%** की सुस्ती देखी गई है।
क्या है पूरा मामला?
एक हैकर ग्रुप, जिसका नाम ScarlettGroup बताया जा रहा है, ने दावा किया है कि उसने बैंक के संवेदनशील रिकॉर्ड्स और लोन एग्रीमेंट्स का एक्सेस हासिल कर लिया है। बैंक ने इस पर सफाई देते हुए स्पष्ट किया है कि यह मुद्दा केवल एक थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म (Salesforce) तक सीमित है, जिसका इस्तेमाल व्हीकल लोन ग्राहकों के डेटा के लिए किया जाता था।
बैंक का पक्ष और सुरक्षा की स्थिति
बैंक मैनेजमेंट ने साफ किया है कि उनकी कोर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह से सुरक्षित है और इसमें कोई सेंध नहीं लगी है। बैंक की सभी ऑपरेशनल गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं। बैंक के पास 12.2 मिलियन से अधिक यूनिक अकाउंट्स का आधार है, और बैंक इस पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मार्केट का रिएक्शन
इस खबर के सामने आते ही निवेशकों में घबराहट दिखी और बैंक का शेयर 1.6% गिरकर ₹866.80 पर ट्रेड करता दिखा। यह घटना डिजिटल बैंकिंग में थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर्स पर बढ़ती निर्भरता और उससे जुड़े साइबर रिस्क को उजागर करती है।
बैंकिंग सेक्टर में हाल के दिनों में इस तरह के साइबर सिक्योरिटी चैलेंज बढ़े हैं। इससे पहले State Bank of India और Bank of Baroda को भी ऐसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिससे डिजिटल इकोसिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं। निवेशकों को अब कंपनी की ओर से एक्सचेंज पर आने वाले अगले अपडेट्स पर नजर रखनी चाहिए कि इस लीक का दायरा कितना बड़ा है और बैंक इसे सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है।
