AU Small Finance Bank: माइक्रोलेंडिंग का बड़ा धमाका! बैंक के 1,000 ब्रांच का आंकड़ा हुआ पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
AU Small Finance Bank: माइक्रोलेंडिंग का बड़ा धमाका! बैंक के 1,000 ब्रांच का आंकड़ा हुआ पार

AU Small Finance Bank ने अपने माइक्रोलेंडिंग नेटवर्क का विस्तार करते हुए 1,000 ब्रांच के माइलस्टोन को छू लिया है। यह नेटवर्क अब **17** राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में फैला है, जो बैंक के यूनिवर्सल बैंकिंग बनने के लक्ष्य को मजबूती दे रहा है।

बड़े नेटवर्क की ताकत

AU Small Finance Bank ने अपने माइक्रोलेंडिंग और फाइनेंशियल इंक्लूजन बिजनेस (MFIB) के तहत 1,000 ब्रांच का नेटवर्क तैयार कर लिया है। यह नेटवर्क 59,000 से ज्यादा गांवों में अपनी पहुंच बना चुका है। बैंक के पास वर्तमान में 20 लाख से अधिक सक्रिय माइक्रोलेंडिंग ग्राहक हैं और 58 लाख ग्रामीण सेविंग अकाउंट्स का प्रबंधन हो रहा है।

यूनिवर्सल बैंक बनने की तैयारी

यह विस्तार बैंक की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है—एक स्मॉल फाइनेंस बैंक से 'यूनिवर्सल बैंक' में तब्दील होना। बैंक रूरल और सेमी-अर्बन इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है ताकि कम लागत वाले CASA (करंट अकाउंट सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट्स का आधार बढ़ाया जा सके। इसके जरिए बैंक इंश्योरेंस और डिजिटल पेमेंट जैसे क्रॉस-सेलिंग अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश में है।

मर्जर का प्रभाव और चुनौती

बैंक का यह विशाल नेटवर्क 2024 में 'Fincare Small Finance Bank' के साथ हुए विलय (Merger) के बाद और भी मजबूत हुआ है। हालांकि, निवेशकों के लिए एसेट क्वालिटी पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा। माइक्रोलेंडिंग सेक्टर अक्सर ग्रामीण आय के चक्रों और आर्थिक उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होता है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का साथ

बैंक को पहले ही RBI से यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी मिल चुकी है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बैंक बड़े पैमाने पर इस बढ़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट कर पाता है और साथ ही अपने लोन बुक की क्वालिटी को कैसे बनाए रखता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.