Blackstone समर्थित ASK Investment Managers ने SageOne Investment Managers के अधिग्रहण का ऐलान किया है। इस ₹2,000 करोड़ की डील से एक दिग्गज प्लेटफॉर्म बनेगा जो ₹85,000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को मैनेज करेगा।
एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में बड़ी हलचल देखने को मिली है। ASK Investment Managers ने SageOne Investment Managers को खरीदने के लिए एक पक्का एग्रीमेंट साइन किया है। इस सौदे की वैल्यू ₹1,500 करोड़ से लेकर ₹2,000 करोड़ के बीच आंकी गई है। यह मर्जर भारतीय पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) सेक्टर में कंसोलिडेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।
नई ताकत और एसेट बेस
मर्जर के बाद बनने वाला नया प्लेटफॉर्म कुल ₹85,000 करोड़ से ज्यादा की एसेट्स को मैनेज करेगा। फिलहाल ASK का अपना स्केल ₹77,000 करोड़ है, जबकि SageOne इसमें करीब ₹9,000 करोड़ का योगदान देगी। इस अधिग्रहण के जरिए ASK अपनी इक्विटी कैपेबिलिटी को मजबूत करना चाहती है, खासकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में SageOne की विशेषज्ञता का लाभ कंपनी को मिलेगा।
कौन संभालेगा कमान?
निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए SageOne के फाउंडर समित वर्तक को कंबाइंड फर्म में चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO) - इक्विटी नियुक्त किया गया है। समित और उनकी मौजूदा टीम उन इक्विटी स्ट्रेटजीज को मैनेज करना जारी रखेंगे, जो उन्होंने 2012 से विकसित की हैं। इससे परफॉरमेंस ट्रैक रिकॉर्ड में निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है।
ब्लैकस्टोन का दबदबा बरकरार
Blackstone, जो ASK Investment Managers का मुख्य बैकर्स है, इस मर्जर के बाद भी मेजॉरिटी शेयरहोल्डर बना रहेगा। यह कदम बताता है कि ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म का भारतीय एसेट मैनेजमेंट मार्केट में लॉन्ग-टर्म का नजरिया है।
निवेशकों के लिए जरूरी बात
ध्यान दें कि ASK Investment Managers एक अनलिस्टेड कंपनी है और इसके शेयर केवल अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेड होते हैं। फिलहाल यह डील रेगुलेटरी मंजूरियों के अधीन है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों कंपनियां अपनी रिसर्च कल्चर को कैसे मिलाती हैं और टैलेंट रिटेंशन पर कितना ध्यान देती हैं।
