नया फंड ₹2,500 करोड़ का लक्ष्य लेकर आया है
ASK Alternates, जो कि Blackstone-backed ASK Group का ही एक हिस्सा है, ने अपना दूसरा प्राइवेट क्रेडिट फंड लॉन्च करने की घोषणा की है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य ₹2,500 करोड़ का कॉर्पस जुटाना है, जिसमें ₹1,500 करोड़ तक का ग्रीनशू ऑप्शन (Greenshoe option) भी शामिल हो सकता है। यह कदम ग्रुप की क्रेडिट सॉल्यूशंस में वर्षों की विशेषज्ञता को दर्शाता है।
पिछली सफलता और नए लक्ष्य
यह लॉन्च ASK के पहले प्राइवेट क्रेडिट फंड की सफल तैनाती और क्लोजर के बाद हुआ है। उस फंड ने लगभग 15% का ग्रॉस IRR हासिल किया था, जो कूपन पेआउट और डिप्लॉयमेंट टाइमलाइन के बेंचमार्क से बेहतर था। अब नए फंड का लक्ष्य 14% से 16% के बीच एक और बेहतर ग्रॉस IRR हासिल करना है।
सीनियर सिक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस
यह फंड लगभग 12 से 15 ट्रांजैक्शन करने की योजना बना रहा है। यह अपने पिछले फंड की तुलना में स्ट्रिक्टर एक्सपोजर लिमिट्स (stricter exposure limits) बनाए रखेगा। हर एक एसेट (asset) पर एक्सपोजर 6-7% तक सीमित रहेगा, और सेक्टर कंसंट्रेशन 10% से कम रखा जाएगा। मुख्य रणनीति यह है कि यह फंड प्रॉफिटेबल, मार्केट-लीडिंग भारतीय बिज़नेस (businesses) को सीनियर सिक्योर्ड लेंडिंग (senior secured lending) प्रदान करेगा। इन कंपनियों को मजबूत बैकरों का सपोर्ट होना चाहिए, जैसे कि एस्टेब्लिश्ड भारतीय प्रमोटर्स (promoters), ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी फर्म (global private equity firms), सॉवरेन वेल्थ फंड (sovereign wealth funds), या ग्लोबल स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टर (global strategic investors)।
खास एक्सक्लूज़न और मजबूत कमिटमेंट
फंड के इन्वेस्टमेंट मैंडेट में रियल एस्टेट (real estate), डिस्ट्रेस्ड डेट (distressed debt) और वेंचर डेट (venture debt) जैसे सेक्टर को साफ तौर पर बाहर रखा गया है। यह एसेट-लाइट बिज़नेस मॉडल (asset-light business models) से भी बचता है। नए फंड में अपने मजबूत विश्वास को दर्शाते हुए, ASK Group ने खुद ₹100 करोड़ का कमिटमेंट किया है, जो उनके पिछले निवेश से काफी ज्यादा है।
निवेशक पहुंच और कैपिटल प्रिजर्वेशन पर जोर
कैपिटल एफिशिएंसी (capital efficiency) को बढ़ाने के लिए, फंड में 3.5-साल का रीइन्वेस्टमेंट पीरियड (reinvestment period) शामिल है। इंटरनेशनल निवेशक GIFT City में एक फीडर स्ट्रक्चर (feeder structure) के ज़रिए फंड तक पहुंच सकते हैं। ASK Alternates के प्राइवेट क्रेडिट हेड, Shantanu Sahai ने बताया कि रणनीति कैपिटल प्रिजर्वेशन (capital preservation) पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि लोन उन बिज़नेस को दिए जाएंगे जिनके पास पुख्ता कैश फ्लो (cash flows), मजबूत स्पॉन्सर्स (sponsors) और टेंजिबल कोलैटरल (tangible collateral) हो। मार्च 2026 तक, ASK Asset & Wealth Management Group ₹77,000 करोड़ से ज़्यादा के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) को मैनेज कर रहा है।