एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) ने नए एक्सपेंस रेशियो नियमों के असर को खत्म कर दिया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में HDFC AMC और ICICI Prudential AMC जैसी बड़ी कंपनियों ने न सिर्फ अपने मुनाफे का मार्जिन बनाए रखा, बल्कि डबल-डिजिट ग्रोथ भी दर्ज की।
एक्सपेंस रेशियो नियमों का किया दमदार सामना
1 अप्रैल 2026 से लागू हुए नए एक्सपेंस रेशियो (Expense Ratio) फ्रेमवर्क का भारतीय एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। पहले जहां बेस एक्सपेंस रेशियो (Base Expense Ratio) के साथ 5 बेसिस पॉइंट (Basis Point) का अतिरिक्त चार्ज भी था, उसे अब हटा दिया गया है। उम्मीद की जा रही थी कि इससे फंड्स की कमाई (Yields) पर दबाव आएगा, लेकिन प्रमुख AMCs का कहना है कि उनकी मुनाफावसूली (Profitability) पहले जैसी ही बनी हुई है।
मुनाफा बढ़ाने की रणनीति
फीस कैप (Fee Cap) को कम करने के असर को झेलने के लिए, AMCs ने डिस्ट्रीब्यूटर्स को दिए जाने वाले कमीशन (Commission) में बदलाव किया है। इसी समायोजन (Recalibration) के चलते कंपनियों ने अपने यील्ड्स (Yields) को स्थिर बनाए रखा है। ICICI Prudential AMC ने Q1 FY27 में इक्विटी स्कीम्स (Equity Schemes) के लिए 66 बेसिस पॉइंट और डेट स्कीम्स (Debt Schemes) के लिए 32 बेसिस पॉइंट का एनुअलाइज्ड मार्जिन (Annualized Margin) रिपोर्ट किया है। वहीं, Nippon Life India AMC ने बताया कि उनके कुल यील्ड्स क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (Quarter-on-Quarter) स्थिर रहे हैं। आर्बिट्राज (Arbitrage) को छोड़कर इक्विटी यील्ड्स 54 बेसिस पॉइंट और डेट यील्ड्स 25 बेसिस पॉइंट पर रहे।
तिमाही नतीजों में जोरदार उछाल
नियमों के समायोजन के अलावा, मजबूत बाजार माहौल (Market Environment) का भी इस सेक्टर को फायदा मिला है। अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में कंपनियों के बॉटम-लाइन (Bottom-line) में अच्छी ग्रोथ देखी गई।
- ICICI Prudential AMC ने 23% की साल-दर-साल (Year-on-Year) बढ़ोतरी के साथ ₹965 करोड़ का आफ्टर-टैक्स प्रॉफिट (After-tax Profit) दर्ज किया।
- Nippon Life India AMC का प्रॉफिट 27% बढ़कर ₹503.1 करोड़ हो गया।
- HDFC AMC और Aditya Birla Sun Life AMC दोनों ने तिमाही मुनाफे में 12% की ग्रोथ दर्ज की।
- Canara Robeco AMC का मुनाफा 24% बढ़कर ₹75.6 करोड़ रहा।
आगे क्या उम्मीद करें?
भले ही सेक्टर ने फीस से जुड़े दबाव का डटकर सामना किया हो, लेकिन भविष्य में मार्जिन की स्थिरता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां आने वाली तिमाहियों में अपने डिस्ट्रीब्यूशन और ऑपरेटिंग खर्चों (Operating Expenses) को कितनी कुशलता से मैनेज करती हैं। HDFC AMC के CEO नवनीत मुनोट (Navneet Munot) ने भी कहा है कि कमीशन को ऑप्टिमाइज़ (Optimize) करने के साथ-साथ खर्चों का प्रबंधन (Cost Management) एक प्राथमिकता है। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या नए रेगुलेटरी माहौल में यह स्थिर यील्ड्स का ट्रेंड पूरे फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) में जारी रहता है। फंड फ्लो (Fund Flow) और म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) स्पेस में किसी भी नए रेगुलेटरी बदलाव पर नज़र रखना AMC की मुनाफेवसूली पर लंबे समय के असर का अंदाजा लगाने के लिए महत्वपूर्ण होगा।
