हाई रिटर्न का वादा करने वाली कंपनी AIX Investment Group अब एक नए रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के साथ आई है। कंपनी ने प्रिंसिपल अमाउंट का भुगतान **2031** तक टाल दिया है, जिससे निवेशकों की परेशानी बढ़ गई है।
गल्फ बेस्ड कंपनी AIX Investment Group, जो कभी अपने निवेशकों को 12% से 30% तक का रिटर्न देने का वादा करती थी, अब एक बड़े वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने अब अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए रीस्ट्रक्चरिंग का रास्ता चुना है। नई स्कीम के तहत निवेशकों को 4 साल का लॉक-इन पीरियड स्वीकार करने को कहा गया है। हालांकि कंपनी 16% का सालाना कूपन देने की बात कर रही है, लेकिन मूलधन यानी प्रिंसिपल अमाउंट की वापसी अब जनवरी 2031 तक टाल दी गई है।
क्यों है यह खतरे की घंटी?
जब भी कोई कंपनी अपने पुराने वादों से हटकर अचानक भुगतान की तारीखें आगे बढ़ाती है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि वह लिक्विडिटी की भारी कमी से जूझ रही है। कंपनी अपने कैश फ्लो को स्थिर करने के लिए शॉर्ट-टर्म पेमेंट्स को कम करने की कोशिश कर रही है, ताकि कंपनी की गाड़ी कुछ और साल खिंच सके।
भारतीय निवेशकों के लिए सबक
भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए यह एक बड़ी सीख है कि 'यील्ड चेजिंग' (Yield Chasing) कितनी जोखिम भरी हो सकती है। जो निवेश फिक्स्ड डिपॉजिट या सरकारी बॉन्ड की तुलना में बहुत ज्यादा रिटर्न का वादा करते हैं, उनमें अक्सर बिजनेस मॉडल सस्टेनेबल नहीं होता। अगर कोई कंपनी मार्केट रेट से कहीं ज्यादा रिटर्न दे रही है, तो वहां पैसा डूबने का रिस्क सबसे ज्यादा होता है।
फिलहाल, निवेशकों के सामने सबसे बड़ी अनिश्चितता यह है कि क्या कंपनी आने वाले समय में 16% का कूपन भुगतान भी समय पर कर पाएगी या नहीं।
