AI का बैंकों पर असर: HSBC, Standard Chartered में बड़ी छंटनी की तैयारी

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AuthorMehul Desai|Published at:
AI का बैंकों पर असर: HSBC, Standard Chartered में बड़ी छंटनी की तैयारी
Overview

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से बैंकिंग सेक्टर में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है। HSBC और Standard Chartered जैसे बड़े बैंक AI की वजह से बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रहे हैं। AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ने और नई भूमिकाएं बनने की उम्मीद के बावजूद, Standard Chartered में करीब **8,000** पदों को खत्म किया जा सकता है। इससे बैंकिंग के कामकाज और जरूरी स्किल्स में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।

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AI से बढ़ रही बैंकों की एफिशिएंसी, पर नौकरियों पर खतरा

बैंकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए तेजी से बढ़ रहा है। HSBC अपने कर्मचारियों को AI के साथ तालमेल बिठाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, क्योंकि वह समझता है कि AI कुछ नौकरियां खत्म कर सकता है, लेकिन नई नौकरियां पैदा भी कर सकता है। बैंक AI इंटीग्रेशन को कर्मचारियों को ज़्यादा कुशल बनाने का जरिया मानता है और इस टेक्नोलॉजी को अपनाने पर जोर दे रहा है।

Standard Chartered की बड़ी छंटनी की योजना

Standard Chartered ने 2030 तक करीब 8,000 नौकरियां खत्म करने की योजना का ऐलान किया है, जो उसके ग्लोबल वर्कफोर्स का एक बड़ा हिस्सा है। बैंक के CEO बिल विंटर्स ने कहा है कि बैंक "कम वैल्यू वाले मानव पूंजी" को धीरे-धीरे हटा रहा है, जिसका लक्ष्य कॉर्पोरेट पदों में 15% की कमी लाना है। इन छंटनी का सबसे ज़्यादा असर बैक-ऑफिस ऑपरेशन्स पर पड़ेगा, जहां AI ऑटोमेशन से एफिशिएंसी में काफी सुधार की उम्मीद है। फिलहाल, बैंक दुनिया भर में लगभग 83,000 लोगों को रोजगार देता है।

इंडस्ट्री में AI का बैंकिंग जॉब्स पर असर

यह ट्रेंड पूरे फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री में देखा जा रहा है। Morgan Stanley के एनालिस्ट्स का कहना है कि फाइनेंशियल, टेक्नोलॉजी और प्रोफेशनल सर्विसेज फर्मों में AI अपनाने की वजह से पिछले साल 5% तक लोगों की छंटनी हुई है। इसमें ऑफशोर IT वर्कर्स और जूनियर कर्मचारियों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ रहा है।

बैंक AI की भूमिका का कर रहे मूल्यांकन

कई बैंकों ने AI-संचालित छंटनी के बारे में सटीक आंकड़े बताने से परहेज किया है। हालांकि, Goldman Sachs ने पहले ही AI इंटीग्रेशन के कारण वर्कफोर्स में कमी और हायरिंग में सुस्ती की आशंका जताई थी। Wells Fargo के CEO ने कहा है कि AI से अभी तक कोई छंटनी नहीं हुई है, लेकिन इसने ऑपरेशनल आउटपुट को स्पष्ट रूप से बेहतर बनाया है। JPMorgan Chase जैसे प्रतिस्पर्धी भी ऑपरेशन्स को स्ट्रीमलाइन करने और कस्टमर सर्विस को बेहतर बनाने के लिए AI में भारी निवेश कर रहे हैं, जिससे मानव संसाधनों पर दबाव बढ़ सकता है।

ऑटोमेशन और री-ट्रेनिंग को लेकर चिंताएं

AI द्वारा रूटीन कामों के बढ़ते ऑटोमेशन से संभावित जॉब डिस्प्लेसमेंट और इसके सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। नॉर्वे के सॉवरेन वेल्थ फंड के CEO ने चेतावनी दी है कि AI से बड़े पैमाने पर होने वाली छंटनी से पब्लिक रिएक्शन भड़क सकता है। Standard Chartered ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए री-ट्रेनिंग की पेशकश की है, लेकिन इन प्रोग्राम्स की प्रभावशीलता और स्केल अभी तय होना बाकी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि छंटनी का अधिक संतुलित तरीका अपनाना, यानी AI के पूरे फायदे मिलने तक कर्मचारियों को बनाए रखना, लंबे समय में फायदेमंद हो सकता है, हालांकि बैंक तुरंत वित्तीय दबावों के कारण फैसले ले सकते हैं।

AI के साथ बैंकिंग रोल्स का भविष्य

बैंकिंग में AI का लगातार इंटीग्रेशन ऑपरेशनल एफिशिएंसी और जॉब फंक्शन्स को फिर से परिभाषित करने के लिए तैयार है। हालांकि तत्काल चिंताएं नौकरियों के नुकसान पर केंद्रित हैं, लंबी अवधि का दृष्टिकोण मानव कर्मचारियों के लिए अधिक विशेष, उच्च-मूल्य वाले कार्यों की ओर बदलाव का सुझाव देता है। बैंक संभवतः डेटा एनालिसिस, रिस्क मैनेजमेंट और कस्टमर इंटरेक्शन के लिए AI का उपयोग करेंगे, जिसके लिए इन टेक्नोलॉजीज के पूरक के रूप में नए स्किल्स वाले वर्कफोर्स की आवश्यकता होगी।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.