360One WAM: रेवेन्यू **28%** चमका, पर नेट प्रॉफिट ग्रोथ धीमी, शेयर **4.35%** फिसला

BANKINGFINANCE
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AuthorNeha Patil|Published at:
360One WAM: रेवेन्यू **28%** चमका, पर नेट प्रॉफिट ग्रोथ धीमी, शेयर **4.35%** फिसला
Overview

360One WAM के लिए Q4FY26 के नतीजे मिले-जुले रहे। कंपनी ने ऑपरेटिंग रेवेन्यू में **28%** की जोरदार सालाना ग्रोथ दर्ज की, जो **₹830 करोड़** रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट ग्रोथ **17%** पर सीमित रह गई, जिसके चलते 22 अप्रैल 2026 को शेयर **4.35%** गिरकर **₹1,056** पर आ गया।

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रेवेन्यू में उछाल, पर प्रॉफिट पर दबाव

कंपनी के नतीजों पर गौर करें तो, 360One WAM का ऑपरेटिंग रेवेन्यू Q4FY26 में 28% बढ़कर ₹830 करोड़ पर पहुंच गया। इस ग्रोथ में रिकरिंग रेवेन्यू में 20% और ट्रांजैक्शनल रेवेन्यू में 54% की शानदार बढ़ोतरी का बड़ा हाथ रहा। ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 31% बढ़कर ₹420 करोड़ रहा।

नेट प्रॉफिट ग्रोथ पर लगी लगाम

हालांकि, निवेशकों की चिंता की मुख्य वजह नेट प्रॉफिट ग्रोथ में आई नरमी रही। कंपनी का नेट प्रॉफिट केवल 17% बढ़कर ₹290 करोड़ रहा। इसके पीछे एक बड़ा कारण ₹55 करोड़ का नेगेटिव 'अदर इनकम' रहा, जिसने परिचालन (operations) के सकारात्मक रुझानों पर पानी फेर दिया। इस स्थिति के चलते 22 अप्रैल 2026 को 360One WAM का शेयर 4.35% टूट गया और ₹1,056 के इंट्राडे लो तक चला गया। उस समय ब्रॉडर BSE Sensex इंडेक्स में भी 0.94% की गिरावट देखी गई थी।

एनालिस्ट्स का भरोसा बरकरार

बाजार की यह प्रतिक्रिया, भले ही नतीजों के उम्मीदों पर खरा उतरने के बाद आई हो, लेकिन एनालिस्ट्स अभी भी कंपनी के लॉन्ग-टर्म ग्रोथ आउटलुक को लेकर काफी पॉजिटिव हैं। Motilal Oswal Financial Services ने 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,300 (यानी 17% का संभावित अपसाइड) रखा है। JM Financial Institutional Securities ने भी ₹1,320 का टारगेट दिया है। उनका मानना है कि कंपनी भारत के वेल्थ और एसेट मैनेजमेंट सेक्टर में एक 'कम्पेलिंग ग्रोथ स्टोरी' है और FY26 से FY28 के बीच 22% की EPS CAGR ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

मार्जिन प्रेशर और बढ़ती प्रतिस्पर्धा

हालांकि, कंपनी के लिए मार्जिन प्रेशर और बढ़ती प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौती बनी हुई है। मैनेजमेंट 50.1% से कॉस्ट-टू-इनकम रेश्यो को घटाकर 46-48% करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इसके लिए नए वेंचर्स को एफिशिएंटली स्केल करना होगा। जहां HDFC Asset Management Company ने 81.5% का EBITDA मार्जिन दिखाया है, वहीं ICICI Prudential Asset Management Company का P/E रेश्यो 50.25 है। ट्रांजैक्शनल रेवेन्यू में 54% की ग्रोथ टॉप-लाइन को बढ़ाती है, पर यह रिकरिंग रेवेन्यू की तुलना में अधिक वोलेटाइल है। इसके अलावा, RBI और SEBI जैसे रेगुलेटर्स के सख्त नियम फर्मों के लिए लागत 20% सालाना तक बढ़ा सकते हैं। इनकम टैक्स अथॉरिटी ने ₹336.14 करोड़ का डिमांड नोटिस भी जारी किया है, हालांकि कंपनी का मानना है कि इसके खिलाफ अपील के मजबूत आधार हैं।

भविष्य की राह और मुख्य चुनौतियां

मैनेजमेंट का अनुमान है कि ब्रांड स्ट्रेंथ और टैलेंट ग्रोथ के दम पर AUM का 12-15% नेट फ्लो हर साल आएगा, साथ ही 10-12% का मार्केट गेन (MTM) भी देखने को मिलेगा। Q4FY26 में ₹9,000 करोड़ का नेट ARR इनफ्लो आया, जो पिछले साल के ₹4,000 करोड़ से काफी ज्यादा है। भविष्य में प्राइवेट क्रेडिट, रियल एसेट्स और अल्टरनेटिव्स में मजबूत पाइपलाइन इस मोमेंटम को जारी रखने में मदद कर सकती है। अधिग्रहण (Acquisitions) और UBS जैसी कंपनियों के साथ सहयोग (collaborations) भी 22% EPS CAGR ग्रोथ के अनुमानों को सपोर्ट कर रहे हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि 360One WAM अपनी विस्तृत बाजार पहुंच और रेवेन्यू ग्रोथ को कैसे सस्टेनेबल नेट प्रॉफिट मार्जिन में बदल पाती है, साथ ही प्रतिस्पर्धा और बदलते रेगुलेशन से निपटना होगा।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.