360 ONE WAM लिमिटेड आने वाले सालों में भारत के अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ (Ultra-High-Net-Worth) मार्केट में अपनी हिस्सेदारी को मौजूदा करीब **10%** से बढ़ाकर **13%** करने की योजना बना रहा है। यह रणनीति एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (Assets Under Management) में **18.4%** की सालाना ग्रोथ के बाद आई है। कंपनी का लक्ष्य है कि जैसे-जैसे छोटे शहरों में भी वेल्थ क्रिएशन (Wealth Creation) बढ़ रहा है, वह बड़े क्लाइंट बेस को अपनी ओर खींचे।
अल्ट्रा-रिच सेगमेंट में पैठ बढ़ाने की तैयारी
360 ONE WAM लिमिटेड भारत के सबसे अमीर परिवारों के लिए वेल्थ मैनेजमेंट (Wealth Management) सेक्टर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की जुगत में है। कंपनी के सह-संस्थापक यातिन शाह (Yatin Shah) ने बताया है कि फर्म अगले कुछ सालों में अपनी मार्केट हिस्सेदारी को मौजूदा करीब 10% से बढ़ाकर 12% से 13% के बीच ले जाने का लक्ष्य रखती है। यह टारगेट भारत में वेल्थ पूल (Wealth Pool) के बढ़ने के साथ-साथ अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ वाले परिवारों की बढ़ती संख्या को सेवा देने की फर्म की महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
बिजनेस ग्रोथ और क्लाइंट बेस
जून 2026 तक, 360 ONE करीब 6.8 ट्रिलियन रुपये की वेल्थ एसेट्स को मैनेज कर रहा था, जो पिछले साल की तुलना में 18.4% की ग्रोथ दिखाता है। कंपनी के एसेट मैनेजमेंट डिवीजन की एसेट्स 1 ट्रिलियन रुपये के आंकड़े को पार कर गई हैं। फिलहाल, फर्म 8,900 से अधिक परिवारों और कॉर्पोरेट ग्रुप्स को अपनी सेवाएं दे रही है। कंपनी की रणनीति का एक अहम हिस्सा पारंपरिक फाइनेंशियल हब (Financial Hubs) से परे जाकर अहमदाबाद, सूरत, जयपुर और कोच्चि जैसे शहरों में नए अमीर बने व्यक्तियों को टारगेट करना है।
मार्केट की संभावना और प्रतिस्पर्धा
भारत में वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है। डेलॉइट इंडिया (Deloitte India) के अनुमानों के मुताबिक, यह बाजार 2029 तक 2.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। इस ग्रोथ का मुख्य कारण प्राइवेट इक्विटी (Private Equity) एक्टिविटी में बढ़ोतरी और स्टॉक मार्केट में ज्यादा कंपनियों का लिस्ट होना है। हालांकि, इस संभावना ने कड़ी प्रतिस्पर्धा को भी जन्म दिया है। कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank), एक्सिस बैंक (Axis Bank) और एचएसबीसी होल्डिंग्स (HSBC Holdings) जैसी ग्लोबल फर्म्स सहित प्रमुख फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस (Financial Institutions) भी इस सेगमेंट पर कब्जा करने के लिए अपनी सेवाएं बढ़ा रही हैं। इस माहौल ने टैलेंट के लिए एक रेस शुरू कर दी है, जिससे फर्मों को अनुभवी रिलेशनशिप मैनेजर्स (Relationship Managers) को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए कंपेनसेशन (Compensation) बढ़ाना पड़ रहा है।
स्ट्रेटेजिक पोजीशन और पार्टनरशिप
360 ONE क्लाइंट रिटेंशन (Client Retention) और अपने रिलेशनशिप मैनेजर्स की प्रोडक्टिविटी (Productivity) बढ़ाने पर लगातार फोकस कर रहा है। कंपनी के हालिया इतिहास का एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट पिछले साल UBS ग्रुप एजी (UBS Group AG) की भारतीय वेल्थ यूनिट का अधिग्रहण था। इस डील में एक पार्टनरशिप अरेंजमेंट (Partnership Arrangement) भी शामिल था, जिससे स्विस बैंक को 360 ONE में माइनॉरिटी स्टेक (Minority Stake) लेने की संभावना मिली, जिसने फर्म की ग्लोबल और लोकल मार्केट में पोजीशन को मजबूत किया है।
निवेशकों को नेट नए क्लाइंट अधिग्रहण (Net New Client Acquisition) में कंपनी की प्रगति और टैलेंट के लिए बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) बनाए रखने की उसकी क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। जैसे-जैसे कंपनी बड़े ब्रांच नेटवर्क वाले बड़े बैंकों से मुकाबला कर रही है, उसकी सफलता संभवतः 500 मिलियन रुपये से अधिक की फाइनेंशियल वेल्थ वाले भारत के अनुमानित 40,000 से 45,000 परिवारों को विशेष सेवाएं देने की उसकी क्षमता पर निर्भर करेगी। भविष्य की तिमाही फाइलिंग्स कंपनी के ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Costs) और लॉन्ग-टर्म एसेट ग्रोथ (Long-term Asset Growth) पर इन विस्तार प्रयासों के प्रभाव की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
