भारत आईडीबीआई बैंक लिमिटेड में अपनी पर्याप्त बहुलांश हिस्सेदारी के लिए बोलियां आमंत्रित करने के लिए तैयार है, जो देश के विनिवेश एजेंडे में एक बड़ा कदम है और दशकों में सबसे बड़े राज्य-समर्थित बैंक विनिवेशों में से एक हो सकता है। संघीय सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) मिलकर ऋणदाता के लगभग 95% का स्वामित्व रखते हैं और 60.72% हिस्सेदारी बेचने की तलाश में हैं, जो बैंक के वर्तमान बाजार मूल्यांकन पर लगभग 7.1 अरब डॉलर के बराबर है। इस बिक्री में प्रबंधन नियंत्रण का हस्तांतरण भी शामिल है। आईडीबीआई बैंक ने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय सुधार दिखाया है। कभी महत्वपूर्ण गैर-निष्पादित संपत्तियों (NPAs) से बोझिल, बैंक ने पूंजीगत समर्थन और आक्रामक वसूली के साथ अपनी बैलेंस शीट को सफलतापूर्वक साफ किया है, लाभप्रदता में लौट आया है और 'संकटग्रस्त ऋणदाता' का दर्जा छोड़ दिया है। सरकार का लक्ष्य इस विनिवेश को मार्च 2026 में समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करना है। वित्त राज्य मंत्री ने पुष्टि की है कि शॉर्टलिस्ट किए गए बोलीदाता वर्तमान में उचित परिश्रम (due diligence) कर रहे हैं। नियामक अनुमोदन प्राप्त करने में पिछली देरी के बावजूद, प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कई प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने प्रारंभिक रुचि व्यक्त की है और भारतीय रिजर्व बैंक से 'फिट-एंड-प्रॉपर' (fit-and-proper) मंजूरी प्राप्त की है। इनमें कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड, एमिरेट्स एनबीडी पीजेएससी और फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड शामिल हैं। कोटक महिंद्रा बैंक को एक अग्रणी दावेदार माना जा रहा है, हालांकि इसने मूल्यांकन पर एक संयमित दृष्टिकोण का संकेत दिया है। इस बड़ी डील की प्रत्याशा ने पहले ही निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया है, आईडीबीआई बैंक के शेयर साल-दर-तारीख लगभग 30% बढ़ गए हैं, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक हो गया है।
भारत 7.1 अरब डॉलर की आईडीबीआई बैंक हिस्सेदारी बेचने को तैयार: अगला मालिक कौन होगा?
BANKINGFINANCE
Overview
भारत अपने विनिवेश (privatization) के प्रयासों में तेजी ला रहा है, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड में अपनी बहुलांश 60.72% हिस्सेदारी के लिए बोली प्रक्रिया शुरू कर रहा है, जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 7.1 अरब डॉलर है। यह महत्वपूर्ण विनिवेश आईडीबीआई बैंक के एक संकटग्रस्त ऋणदाता (distressed lender) से मुनाफे में आने के सफल पुनरुद्धार के बाद हो रहा है। कोटक महिंद्रा बैंक, एमिरेट्स एनबीडी और फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स जैसे प्रमुख वित्तीय संस्थानों ने रुचि दिखाई है, और प्रक्रिया जल्द ही आगे बढ़ने की उम्मीद है।
Disclaimer:This content
is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or
trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a
SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance
does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some
content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views
expressed do not reflect the publication’s editorial stance.