Zelio E-Mobility ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने और डीलर नेटवर्क को **550** तक ले जाने के लिए **₹168 करोड़** की फंडिंग जुटाई है। कंपनी यह निवेश प्रेफरेंशियल शेयर और वारंट जारी करके पूरा करेगी।
विस्तार की बड़ी योजना
Zelio E-Mobility ने बोर्ड से ₹168 करोड़ जुटाने की मंजूरी ले ली है। इस पूंजी का बड़ा हिस्सा हरियाणा के पाटन में एक नया थ्री-व्हीलर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बनाने में खर्च किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य FY27 तक अपने डीलर नेटवर्क को मौजूदा 400 से बढ़ाकर 550 तक पहुंचाना है।
फंडिंग का गणित
यह फंडरेज दो चरणों में होगा:
- संस्थागत निवेश: कंपनी करीब 9.73 लाख शेयर ₹853 प्रति शेयर के भाव पर जारी करेगी, जिससे ₹83 करोड़ जुटेंगे। इसमें Motilal Oswal Financial Services, Calliope Capital Advisors, Param Value Investments और Hem Growth Opportunities Fund जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
- प्रमोटर हिस्सेदारी: बाकी ₹85 करोड़ के लिए प्रमोटर्स (नीरज आर्या, दीपक आर्या और कुणाल आर्या) को 9.96 लाख कन्वर्टिबल वारंट जारी किए जाएंगे। इसमें प्रमोटर्स को 25% राशि अभी देनी होगी और बाकी 75% अगले 18 महीनों में कन्वर्जन के समय चुकानी होगी।
निवेशकों के लिए चुनौतियां
EV बाजार में प्रतिस्पर्धा बहुत कड़ी है। कंपनी के लिए सबसे बड़ा टास्क अपने नए प्लांट को समय पर चालू करना होगा। बड़े प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत बढ़ने या देरी होने का रिस्क रहता है। इसके अलावा, वारंट कन्वर्जन के चलते भविष्य में इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) की संभावना भी बनी रहेगी।
अब कंपनी इस फंडिंग प्लान पर शेयरधारकों की अंतिम मंजूरी लेने के लिए 20 अक्टूबर को एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) आयोजित करेगी। बाजार की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच मार्केट शेयर कैसे बढ़ाती है।
