इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनी Yulu ने सीरीज C फंडिंग में **$9.3 करोड़** जुटाए हैं। इस फंड से कंपनी अपने फ्लीट को **50,000** से बढ़ाकर **2,00,000** वाहन करने का लक्ष्य रख रही है, जबकि शुरुआती निवेशक 3one4 Capital ने एग्जिट कर लिया है।
फंडिंग और विजन
बेंगलुरु स्थित इलेक्ट्रिक मोबिलिटी फर्म Yulu ने सीरीज C राउंड में कुल $9.3 करोड़ की पूंजी जुटाई है। इसमें $6.3 करोड़ की इक्विटी शामिल है जिसका नेतृत्व GEF Capital Partners ने किया है, जबकि $3 करोड़ का डेट (Debt) फंड है। इस अहम दौर में शुरुआती निवेशक 3one4 Capital ने अपना निवेश वापस ले लिया है। अब कंपनी का पूरा ध्यान अपनी सक्रिय फ्लीट संख्या को 50,000 से चार गुना बढ़ाकर 2,00,000 तक पहुँचाने पर है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
साल 2018 में लॉन्च होने के बाद से Yulu ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी सीधे कंज्यूमर राइडिंग से हटकर भारत के लास्ट-माइल डिलीवरी इकोसिस्टम पर केंद्रित हो गई है। क्विक-कॉमर्स सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत करते हुए कंपनी गिग-वर्कर्स को पेट्रोल वाली टू-व्हीलर के मुकाबले काफी बचत का दावा कर रही है। अप्रैल 2025 में कंपनी ने ऑपरेशनल प्रॉफिट हासिल कर लिया है, जो कि ट्रांसपोर्ट स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है।
मजबूत पार्टनरशिप और इंफ्रास्ट्रक्चर
Yulu की सफलता की कहानी Bajaj Auto के साथ उसकी साझेदारी पर टिकी है, जो वाहनों की मैन्युफैक्चरिंग संभालती है। इसके अलावा, Magna International के साथ मिलकर Yuma Energy के जरिए कंपनी अपना बैटरी-स्वैपिंग नेटवर्क चला रही है। फिलहाल 190 से ज्यादा स्वैपिंग स्टेशनों के जरिए कंपनी लाखों स्वैप्स को प्रोसेस कर रही है।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि, 2 लाख वाहनों के लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर में सरकारी सब्सिडी में बदलाव और लास्ट-माइल डिलीवरी स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा बड़ी चुनौतियां हैं। आगे चलकर कंपनी 'Yulu Express' नाम से हाई-कैपेसिटी लॉजिस्टिक्स लॉन्च करने की योजना बना रही है, जो भविष्य में कंपनी के आईपीओ (IPO) की राह भी खोल सकता है।
