Yokohama India अगले कुछ सालों में अपना OEM सप्लाई शेयर लगभग 20% तक बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी अपनी पैसेंजर कार टायर की प्रोडक्शन कैपेसिटी को 4.5 मिलियन से बढ़ाकर 6.3 मिलियन यूनिट कर रही है। साथ ही, कंपनी ओडिशा में एक नई ऑफ-हाईवे टायर फैसिलिटी में भी निवेश कर रही है।
Yokohama India ने भारतीय बाजार में ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM) सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक बड़ी रणनीति का ऐलान किया है। फिलहाल आफ्टरमार्केट में करीब 10% मार्केट शेयर के साथ एक प्रमुख खिलाड़ी होने के नाते, कंपनी अब सीधे कार निर्माताओं को सप्लाई बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का मैनेजमेंट अगले तीन से पांच सालों में अपने OEM फुटप्रिंट को मौजूदा सिंगल-डिजिट से बढ़ाकर लगभग 20% तक ले जाना चाहता है।
घरेलू बाजार के लिए विस्तार योजनाएं
OEM ग्रोथ की इस महत्वाकांक्षी योजना का समर्थन करने के लिए, Yokohama India अपनी प्रोडक्शन कैपेसिटी का विस्तार कर रही है। कंपनी अपनी वार्षिक पैसेंजर कार टायर निर्माण क्षमता को वर्तमान 4.5 मिलियन यूनिट से बढ़ाकर 6.3 मिलियन यूनिट कर रही है। यह विस्तार नई गाड़ियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है, जहां टायर सीधे मैन्युफैक्चरिंग लेवल पर फिट किए जाते हैं। पैसेंजर कारों के अलावा, कंपनी ओडिशा में एक नई ग्रीनफील्ड ऑफ-हाईवे टायर प्लांट के साथ अपनी मैन्युफैक्चरिंग उपस्थिति का विस्तार भी कर रही है। इस नए प्लांट में लगभग 130 मिलियन USD का निवेश किया जा रहा है और इसके 2028 तक चालू होने की उम्मीद है।
SUV सेगमेंट और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस
यह ग्रोथ स्ट्रेटेजी भारत में SUVs को तेजी से अपनाए जाने से प्रेरित है, जो अब पैसेंजर व्हीकल मार्केट का लगभग दो-तिहाई हिस्सा हैं। चूंकि Yokohama इन वाहनों के लिए प्रीमियम टायरों में माहिर है, कंपनी नए अनुबंध हासिल करने के लिए इस सेगमेंट का लाभ उठा रही है। OEM सप्लाई हासिल करना एक लंबी प्रक्रिया है, क्योंकि टायर निर्माता आमतौर पर ऑटोमोटिव कंपनियों के साथ मिलकर उन मॉडलों के लिए टायर सप्लाई करते हैं, जो तीन से चार साल बाद लॉन्च होने वाले होते हैं। कंपनी को उम्मीद है कि प्रमुख ऑटोमेकर्स के साथ अपने संबंधों को गहरा करने से इन प्रयासों का फल मिलेगा।
निवेशक संदर्भ और व्यावसायिक जोखिम
भारतीय निवेशकों के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि Yokohama India एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है। इसका मतलब है कि कंपनी के लिए भारतीय स्टॉक एक्सचेंजों पर कोई सीधा टिकर उपलब्ध नहीं है। कंपनी के वैश्विक और भारतीय ऑपरेशंस में रुचि रखने वाले निवेशकों को मूल कंपनी, The Yokohama Rubber Co., Ltd. की ओर देखना होगा, जो टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज में टिकर 5101 के तहत सार्वजनिक रूप से ट्रेड करती है।
व्यावसायिक जोखिम के दृष्टिकोण से, कंपनी ऑटोमोटिव उद्योग की चक्रीय प्रकृति के अधीन बनी हुई है। SUVs या प्रीमियम वाहनों की मांग में गिरावट से अपेक्षित ग्रोथ रेट पर असर पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, कैपेसिटी विस्तार और नए ओडिशा प्लांट के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पूंजीगत व्यय से अल्पावधि में कैश फ्लो पर दबाव पड़ता है। प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण के बीच मार्जिन बनाए रखते हुए मैन्युफैक्चरिंग को सफलतापूर्वक स्केल करने की क्षमता आने वाले वर्षों में निगरानी का प्राथमिक कारक रहेगी।
