Yamaha Motor India अपनी उत्पादन क्षमता (Production Capacity) को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट में तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी अपने सूरजपुर और चेन्नई प्लांट को ऑप्टिमाइज़ करेगी।
उत्पादन बढ़ाने की रणनीतिक तैयारी
Yamaha Motor India ने बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी कमर कस ली है। फिलहाल कंपनी के सूरजपुर और चेन्नई स्थित प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 15 लाख यूनिट्स की है। मैनेजमेंट का मानना है कि जिस रफ्तार से बिक्री बढ़ रही है, अगले 2 से 3 साल में ये प्लांट अपनी पूरी क्षमता पर काम करने लगेंगे। कंपनी फिलहाल नए कारखाने लगाने के बजाय मौजूदा लाइनों को अपग्रेड करने पर जोर दे रही है।
मार्केट का बदलता मिजाज और नई बाइक
कंपनी ने जुलाई 2026 में 72,579 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल के मुकाबले 44% ज्यादा है। इस जबरदस्त उछाल की मुख्य वजह भारतीय ग्राहकों का प्रीमियम बाइक्स की तरफ झुकाव है। इसी सेगमेंट को भुनाने के लिए कंपनी ने हाल ही में 200cc वाली YZF-R2 लॉन्च की है, जिसकी कीमत ₹2.30 लाख तय की गई है।
हालांकि, भारत में यह कंपनी एक अनलिस्टेड सब्सिडियरी है, लेकिन इसके कदम सीधे तौर पर बजाज ऑटो, TVS मोटर और हीरो मोटोकॉर्प जैसी लिस्टेड कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं।
सेक्टर के लिए चुनौतियां
भारत अब यामाहा के ग्लोबल प्रोडक्शन का करीब 20% हिस्सा संभालता है, जो इसे एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब बनाता है। हालांकि, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एल्युमीनियम व पेट्रोलियम आधारित पुर्जों की बढ़ती लागत मुनाफा प्रभावित कर सकती है। साथ ही, ग्लोबल उत्सर्जन नियमों और ट्रेड टैरिफ में बदलाव भी इस सेक्टर के लिए चिंता का सबब बने हुए हैं।
