Yamaha Motor India अगले 5 सालों में करीब 10% की सालाना ग्रोथ हासिल करने की तैयारी में है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी प्रॉफिटेबल इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE) व्हीकल्स की बिक्री बढ़ाने और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में एक प्रीमियम एंट्री की स्ट्रेटेजी पर काम कर रही है।
कंपनी की लेटेस्ट परफॉर्मेंस काफी उत्साहजनक रही है। 2026 की पहली तिमाही (Q1 2026) में, Yamaha ने सेल्स में पिछले साल के मुकाबले 33% का उछाल दर्ज किया, जो 208,000 यूनिट्स से ज्यादा रही। सिर्फ मार्च 2026 में ही डोमेस्टिक सेल्स 52.38% की जोरदार बढ़त के साथ 76,909 यूनिट्स तक पहुंच गई। RayZR स्कूटर और FZ सीरीज मोटरसाइकिलों की डिमांड इस ग्रोथ की मुख्य वजह बनी।
हालांकि Yamaha का ओवरऑल मार्केट शेयर फिलहाल कम है, लेकिन प्रीमियम सेगमेंट्स में इसकी पोजीशन काफी मजबूत है। 125-150cc सेगमेंट में कंपनी का शेयर लगभग 12-13% है, और 150cc+ मोटरसाइकिल सेगमेंट में यह FY25 तक करीब 10% तक पहुंच गया है। 'ब्लू स्क्वायर' डीलरशिप कॉन्सेप्ट, जो अब 550 से ज्यादा आउटलेट्स पर मौजूद है, कंपनी के एस्पिरेशनल ग्राहकों को एक खास प्रीमियम रिटेल एक्सपीरियंस दे रहा है।
भारत Yamaha के लिए एक महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट हब बनता जा रहा है। देश कंपनी की ग्लोबल सेल्स का लगभग 10% और प्रोडक्शन का करीब 20% हिस्सा कवर करता है। चेन्नई के पास ओरागडम प्लांट को 2030 तक एक बड़ा एक्सपोर्ट हब बनाने की योजना है, जहाँ से अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख मार्केट्स को सप्लाई की जाएगी। कंपनी पहले से ही करीब 55 देशों में एक्सपोर्ट करती है और 2025-26 में एक्सपोर्ट्स में 25% की ग्रोथ का लक्ष्य रखा है, जो FY25 में 33.4% की ग्रोथ के बाद आया है।
भारत के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) मार्केट में Yamaha केवल प्राइस वॉर में शामिल नहीं होगी, बल्कि प्रीमियम स्ट्रेटेजी अपनाएगी। E2W मार्केट के 2034 तक 12 मिलियन यूनिट्स सालाना तक पहुंचने का अनुमान है, जिसमें 28.20% का CAGR अपेक्षित है। Yamaha 2026 में EC-06 और Aerox E जैसे मॉडल्स लॉन्च करेगी। EC-06 की कीमत करीब ₹1.68 लाख है। कंपनी 2026 के अंत तक ICE और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के दस नए मॉडल्स पेश करेगी, जिसका लक्ष्य 2030 तक प्रीमियम सेगमेंट में 25% शेयर हासिल करना है।
भारतीय दोपहिया वाहन बाजार में कड़ा कॉम्पिटिशन है। प्रीमियम ICE सेगमेंट में बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और युवा वर्ग की पसंद के कारण ग्रोथ बनी हुई है। ICRA का अनुमान है कि प्रीमियम मोटरसाइकिल सेगमेंट का कुल बिक्री में योगदान FY24 के 19% से बढ़कर FY29 तक 27-28% हो जाएगा। E2W सेक्टर में TVS Motor, Bajaj Auto और Ola Electric जैसे खिलाड़ी पहले से मौजूद हैं।
इन सब रणनीतियों के बावजूद, Yamaha Motor India को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पैरेंट कंपनी Yamaha Motor Co., Ltd. का P/E रेश्यो 65.93x से 71.5x के बीच है, जो इंडस्ट्री एवरेज 14.7x से काफी ऊपर है। विश्लेषक अर्निंग्स ग्रोथ को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि मार्जिन्स नाजुक हैं और कर्ज़ निवेश की फ्लेक्सिबिलिटी को सीमित कर रहा है। पिछले साल के प्रॉफिट अनुमानों में भी कटौती की गई है। देश में कंपनी का ओवरऑल मार्केट शेयर अभी कम है। एक्सपोर्ट्स पर निर्भरता ग्लोबल इकोनॉमिक उतार-चढ़ाव और ट्रेड पॉलिसी में बदलावों का जोखिम पैदा करती है। प्रीमियम EV सेगमेंट में तीव्र प्रतिस्पर्धा और नीतिगत अनिश्चितताएं भी बड़ी चुनौतियां हैं।
