फ्यूल प्राइस की चिंताएं बढ़ा रही EV की मांग
पश्चिमी एशिया में जारी तनाव के चलते फ्यूल प्राइस (fuel price) को लेकर जो चिंताएं बढ़ी हैं, वे सीधे तौर पर लग्जरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) के प्रति ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ा रही हैं। BMW Group India के प्रेसिडेंट और CEO, Hardeep Singh Brar ने बताया कि इसी वजह से कंपनी की EV सेल्स में पहली तिमाही में 83% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
रिकॉर्ड बिक्री और EV की बढ़ती हिस्सेदारी
कुल मिलाकर, BMW Group India ने पहली तिमाही में कारों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17% ज्यादा रही। कंपनी ने कुल 4,567 यूनिट्स बेचीं। अब कंपनी की कुल बिक्री में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की हिस्सेदारी 26% हो गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 21% थी। BMW और MINI ब्रांड्स के तहत कंपनी ने तिमाही में 1,185 EVs की बिक्री की।
डिमांड पूरी करने के लिए सप्लाई चेन में किया बदलाव
इस बढ़ती हुई डिमांड को पूरा करने के लिए BMW Group India ने अपनी सप्लाई चेन (supply chain) को बेहतर ढंग से मैनेज किया है। Mr. Brar ने बताया कि इंपोर्टेड किट्स, जिनके लिए सामान्यतः छह महीने का लीड टाइम (lead time) होता है, उन्हें पहले से ही स्टॉक कर लिया गया था। इससे कंपनी उत्पादन को तेजी से बढ़ाने और ग्राहकों की मजबूत रुचि को पूरा करने में सफल रही। अब इलेक्ट्रिक मॉडल्स के लिए एक से दो महीने का वेटिंग पीरियड (waiting period) चल रहा है।
EV सेगमेंट का भविष्य उज्ज्वल
Mr. Brar का अनुमान है कि पश्चिमी एशिया संघर्ष द्वारा संचालित फ्यूल प्राइस वोलेटिलिटी (fuel price volatility) के प्रति बढ़ी हुई जागरूकता भारत में EV की मांग को और मजबूत करेगी। डीलरों से मिली प्रतिक्रियाएं बताती हैं कि ग्राहकों की पूछताछ और बुकिंग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की ओर स्पष्ट रूप से शिफ्ट हो रही है, जो इस सेगमेंट के लिए एक सकारात्मक लॉन्ग-टर्म आउटलुक (long-term outlook) का समर्थन करता है।