Volvo Car AB ने Skoda Auto के मौजूदा चीफ Klaus Zellmer को अपना नया CEO नियुक्त करने का ऐलान किया है। अक्टूबर 2027 तक यह पदभार संभालेंगे। इस बदलाव के साथ ही कंपनी अब पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने के बजाय हाइब्रिड गाड़ियों पर फोकस बढ़ा रही है।
बड़े नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी
ऑटो सेक्टर के अनुभवी लीडर Klaus Zellmer, जो फिलहाल Skoda Auto की बागडोर संभाल रहे हैं, अब Volvo Car AB के नए प्रेसिडेंट और CEO होंगे। यह बदलाव 1 अक्टूबर 2027 तक पूरी तरह से लागू हो जाएगा। Geely के मालिकाना हक वाली इस कंपनी के लिए यह एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि कंपनी अब अपने मैन्युफैक्चरिंग और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को पूरी तरह से बदलने की तैयारी में है।
इलेक्ट्रिक से हाइब्रिड की ओर कदम
Zellmer की नियुक्ति कंपनी की बदलती रणनीति का संकेत है। Volvo अब पूरी तरह से इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के बजाय प्लग-इन हाइब्रिड गाड़ियों पर ज्यादा जोर दे रही है। दरअसल, अमेरिका, यूरोप और चीन जैसे बड़े मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग उम्मीद से धीमी रही है, जिसके चलते ऑटो कंपनियां अब हाइब्रिड की ओर रुख कर रही हैं। निवेशकों के लिए यह एक 'प्रैग्मैटिक' कदम है, जिससे डिमांड के उतार-चढ़ाव को मैनेज करने और सेल्स वॉल्यूम को स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
प्रोडक्ट और मैन्युफैक्चरिंग का ओवरहाल
Volvo दशक के अंत तक 13 नए व्हीकल मॉडल्स उतारने की तैयारी कर रही है, जिसमें 7 मॉडल्स वेस्टर्न मार्केट के लिए और 6 चीन के लिए होंगे। इस नई रेंज के साथ कंपनी अपने पुराने मॉडल्स की लिस्ट को रिफ्रेश करने की कोशिश में है।
साथ ही, कंपनी अपने मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को भी रिस्ट्रक्चर कर रही है। अब कंपनी 5 कोर प्लांट्स पर फोकस करेगी और 2 फैसिलिटीज को पार्टनरशिप में चलाएगी। निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी बिना लागत बढ़ाए अपनी कैपेसिटी का इस्तेमाल कैसे करती है। ट्रेड टैरिफ और मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच मार्जिन को बरकरार रखना कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
