VinFast इंडिया में अपने पैर जमाने के लिए एक बड़ा दांव चलने को तैयार है। कंपनी अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के लिए बैटरी की लोकल असेंबली (local assembly) शुरू करने पर विचार कर रही है। यह कदम सीधे तौर पर लागत कम करने और कंपनी के 'मेक इन इंडिया' विज़न को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
जैसा कि हम जानते हैं, बैटरी किसी भी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की कुल लागत का एक बड़ा हिस्सा, लगभग 30% तक होती है। इसे भारत में ही असेंबल करके, VinFast सीधे तौर पर इस बड़ी लागत को कम कर सकती है, जिससे उनकी EVs भारत के कीमत के प्रति संवेदनशील बाज़ार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी।
कंपनी का लक्ष्य अपनी वर्तमान 15% लोकलाइजेशन दर (localization rate) को बढ़ाना है। इसके लिए वह स्थानीय सप्लायर्स (local suppliers) से अधिक सोर्सिंग करेगी और रणनीतिक पार्टनरशिप (strategic partnerships) भी करेगी। यह योजना कंपनी की थोकूडि (Thoothukudi) स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के विस्तार के साथ मेल खाती है, जिसकी सालाना क्षमता 50,000 यूनिट्स तक है। VinFast का दृष्टिकोण कठोर बिक्री लक्ष्यों को निर्धारित करने के बजाय स्थानीय मांग को पूरा करने को प्राथमिकता देता है।
VinFast की मौजूदा प्रोडक्ट स्ट्रेटेजी (product strategy) में हाल ही में लॉन्च हुई VF MPV 7, जिसकी कीमत ₹24.49 लाख है, और फ्लीट ऑपरेटर्स (fleet operators) के लिए आने वाली Limo Green मॉडल शामिल हैं।
भारत का EV मार्केट तेज़ी से बढ़ रहा है, लेकिन VinFast को Tata Motors (जिसकी पैसेंजर EV मार्केट में लगभग 39% हिस्सेदारी है), MG Motor India और Hyundai Motor India जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। Hyundai तो अपनी कुछ गाड़ियों के लिए 92% तक लोकलाइजेशन हासिल कर चुकी है और बैटरी पैक की लोकल असेंबली भी कर रही है। Ola Electric जैसी डोमेस्टिक कंपनियां तो इन-हाउस बैटरी सेल मैन्युफैक्चरिंग (in-house battery cell manufacturing) तक पर काम कर रही हैं।
VinFast आम तौर पर ₹10 लाख से कम वाले सेगमेंट से बचती रही है, और ₹17.29 लाख से शुरू होने वाली VF 6 और ₹24.49 लाख की VF MPV 7 जैसी प्रीमियम गाड़ियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
अपने मार्केट प्रेजेंस (market presence) को मजबूत करने के लिए, VinFast 75 शोरूम और 230 सर्विस सेंटर्स का नेटवर्क बढ़ाने की योजना बना रही है, खासकर छोटे शहरों में।
हालांकि, इस योजना में जोखिम भी कम नहीं हैं। बैटरी को वियतनाम से इम्पोर्ट (import) करने के बजाय भारत में लोकल असेंबली शुरू करना एक जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया है। इसके लिए भरोसेमंद लोकल सप्लाई चेन (local supply chains) और मैन्युफैक्चरिंग एफिशिएंसी (manufacturing efficiencies) हासिल करना ज़रूरी होगा। कंपनी की वर्तमान फाइनेंशियल परफॉरमेंस (financial performance) भी चिंता का विषय है, जिसका नेगेटिव प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो (price-to-earnings ratio) इसकी प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) पर सवाल उठाता है।
एनालिस्ट्स (Analysts) VinFast Auto (VFS) के भविष्य को लेकर मिले-जुले विचार रखते हैं, ज़्यादातर 'Buy' या 'Strong Buy' की सलाह दे रहे हैं और $5.83 से $6.30 तक के टारगेट प्राइस (target price) दे रहे हैं। VinFast की सफलता काफी हद तक उसकी इस लोकलाइजेशन स्ट्रेटेजी, खासकर बैटरी असेंबली पहल, पर निर्भर करेगी।