क्यों हो रही है इतनी बड़ी छंटनी?
Volkswagen Group के लिए पिछला कुछ समय बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) घटकर €6.9 बिलियन पर आ गया है, जो कि पिछले 10 सालों में सबसे कम है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) भी गिरकर €8.9 बिलियन पर पहुंच गया, हालांकि रेवेन्यू (Revenue) करीब €322 बिलियन पर बना रहा। इसी को देखते हुए कंपनी अपने ऑपरेशंस में बड़े बदलाव कर रही है।
सिर्फ VW नहीं, Audi और Porsche पर भी असर
शुरुआत में 35,000 नौकरियों में कटौती की योजना सिर्फ VW के मुख्य ब्रांड के लिए थी, लेकिन अब यह कटौती Audi, Porsche जैसे प्रीमियम ब्रांड्स और कंपनी की सॉफ्टवेयर यूनिट Cariad तक फैल गई है। यह दिखाता है कि कंपनी कितनी गंभीर स्थिति का सामना कर रही है और अपनी लागत को कम करने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।
चीनी EV कंपनियों से कड़ी टक्कर
VW के CEO ओलिवर ब्लूम ने कहा है कि ऑटोमोबाइल मार्केट में कॉम्पिटिशन बहुत टफ हो गया है। खासकर चीन की EV निर्माता कंपनियां जैसे BYD, Geely और Nio तेजी से आगे बढ़ रही हैं और VW को कड़ी टक्कर दे रही हैं। इसके अलावा, प्रोडक्शन कॉस्ट (Production Cost) बढ़ रही है और ट्रेड पॉलिसीज़ (Trade Policies) भी कंपनी के मुनाफे पर असर डाल रही हैं।
भविष्य को लेकर उम्मीद
हालांकि, इन सब मुश्किलों के बावजूद Volkswagen को उम्मीद है कि 2026 तक उसकी प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) में सुधार आएगा। कंपनी का अनुमान है कि उसका ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) 4.0% से 5.5% के बीच रहेगा, जो कि 2025 में दर्ज 2.8% से काफी बेहतर होगा।