ऑटो पार्ट्स बनाने वाली कंपनी Uno Minda अब चार-पहिया पैसेंजर व्हीकल के लिए सीटिंग सिस्टम बनाने के कारोबार में उतरने जा रही है। कंपनी महाराष्ट्र में एक नई फैक्ट्री लगाएगी, जिसमें **₹320 करोड़** का निवेश किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से **FY28 की चौथी तिमाही** तक प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। इस कदम से कंपनी हर गाड़ी में अपने हिस्से की वैल्यू बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।
Uno Minda का नया दांव
ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली दिग्गज कंपनी Uno Minda ने अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। अब कंपनी चार-पहिया पैसेंजर व्हीकल के लिए सीटिंग सिस्टम (Seating Systems) बनाने के बाजार में कदम रख रही है। इसके लिए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (Chhatrapati Sambhajinagar) में एक नई मैन्युफैक्चरिंग प्लांट (Manufacturing Plant) स्थापित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ₹320 करोड़ की बड़ी पूंजी खर्च करने की योजना बना रही है। यह काम Tachi-S Seating Private Limited के साथ हुई ज्वाइंट वेंचर (Joint Venture) के तहत किया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 2022 में सीट रिक्लाइनर (Seat Recliners) पर फोकस के लिए हुई थी।
प्रोजेक्ट की टाइमलाइन और क्षमता
इस नई फैक्ट्री में सालाना करीब 2.40 लाख सीटिंग यूनिट्स का प्रोडक्शन करने का लक्ष्य है। कंपनी के ऐलान के मुताबिक, प्लांट का कंस्ट्रक्शन (Construction) चल रहा है और उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2028 की चौथी तिमाही (Q4 FY28) तक प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। खास बात यह है कि इस यूनिट को एक बड़े ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर (Automobile Manufacturer) से पहले ही एक एंकर ऑर्डर (Anchor Order) मिल चुका है, जिससे कंपनी को शुरुआत में ही प्रोडक्शन के लिए एक निश्चित मांग मिल गई है।
बिजनेस पर असर और प्रति गाड़ी वैल्यू
फिलहाल Uno Minda का सीटिंग डिवीजन (Seating Division) ज्यादातर दो-पहिया (Two-wheeler) और कमर्शियल व्हीकल (Commercial Vehicle) पर केंद्रित है, जो कंपनी के कुल रेवेन्यू (Revenue) का एक छोटा हिस्सा है। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में आने से कंपनी हर कार में सप्लाई होने वाले पार्ट्स की वैल्यू को काफी बढ़ाना चाहती है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि इस बदलाव से प्रति गाड़ी ₹20,000 का मौजूदा वैल्यू बढ़कर ₹70,000 तक पहुंच सकता है। अगर प्लांट 2.5x का एसेट टर्नओवर (Asset Turnover) हासिल कर लेता है, तो एनालिस्ट्स (Analysts) का अनुमान है कि FY28 तक कंपनी के सालाना रेवेन्यू में करीब ₹800 करोड़ का इजाफा हो सकता है।
कॉम्पिटिशन और मार्केट का रुख
भारतीय पैसेंजर व्हीकल सीटिंग मार्केट में पहले से ही Krishna Maruti, Bharat Seats, Magna और Lear जैसे बड़े खिलाड़ी मौजूद हैं, जो कार कंपनियों के साथ मिलकर काम करते हैं। Uno Minda की एंट्री के साथ ही कंपनी इन स्थापित कंपनियों को सीधी टक्कर देगी। इस विस्तार की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी समय पर प्रोजेक्ट को पूरा कर पाती है या नहीं, और क्या वह अपने शुरुआती एंकर क्लाइंट के अलावा अन्य कार मैन्युफैक्चरर्स से भी ऑर्डर हासिल कर पाती है।
निवेशक कंस्ट्रक्शन फेज की प्रगति पर नज़र रखेंगे, क्योंकि किसी भी देरी से अपेक्षित रेवेन्यू पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, नए और प्रतिस्पर्धी सेगमेंट में स्केल-अप (Scale-up) करते हुए कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margin) को बनाए रखने की क्षमता भी एक अहम फैक्टर होगी। जैसे-जैसे भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट में हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स और एडवांस्ड व्हीकल फीचर्स की मांग बढ़ रही है, Uno Minda की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने पार्टनर Tachi-S की टेक्निकल एक्सपर्टीज (Technical Expertise) का इस्तेमाल करके टॉप-टियर कार ब्रांड्स की उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।
