Uno Minda Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और बीते नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे पेश किए हैं, जो कि मजबूत साल-दर-साल ग्रोथ दर्शा रहे हैं।
📉 नतीजों की गहराई
मुख्य आंकड़े:
कंपनी ने Q3 FY26 में ₹5,021.79 करोड़ का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 19.98% की जबरदस्त बढ़ोतरी है। कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 18.13% की वृद्धि के साथ यह ₹300.48 करोड़ पर पहुंच गया। कंसॉलिडेटेड EBITDA में भी 19.32% का अच्छा उछाल देखने को मिला, जो ₹603.68 करोड़ रहा।
वहीं, 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ महीनों के दौरान, कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 16.94% बढ़कर ₹14,321.18 करोड़ हो गया, और नेट प्रॉफिट 27.49% की शानदार वृद्धि के साथ ₹932.30 करोड़ पर दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन परफॉरमेंस:
जहां कंसॉलिडेटेड नतीजे बेहतरीन रहे, वहीं स्टैंडअलोन रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 19.46% बढ़कर ₹3,746.62 करोड़ रहा। हालांकि, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट में 0.67% की मामूली गिरावट आई और यह ₹156.20 करोड़ रहा। Q3 FY26 के लिए स्टैंडअलोन ऑपरेटिंग मार्जिन 10.28% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.17% दर्ज किया गया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट मार्जिन 5.98% रहा।
अन्य अहम जानकारी:
नए लेबर कोड्स के असर जैसी एक्सेप्शनल आइटम्स का कंसॉलिडेटेड लेवल पर ₹27.57 करोड़ और स्टैंडअलोन लेवल पर ₹35.18 करोड़ का प्रभाव पड़ा। कंपनी ने 31 दिसंबर, 2025 तक 0.36 का स्वस्थ डेट-टू-इक्विटी रेशियो बनाए रखा, जो कि कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
🚀 बड़ा विस्तार और डिविडेंड का ऐलान
Uno Minda के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने एक अहम फैसला लेते हुए महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में AW4W प्लांट, LPS डोमेन के तहत एक नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने के लिए ₹764.00 करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) को मंजूरी दे दी है। यह नई यूनिट सालाना 1.80 मिलियन अलॉय व्हील्स तक की उत्पादन क्षमता हासिल करेगी, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा। इस विस्तार का मुख्य मकसद कंपनी के बिजनेस ग्रोथ को गति देना और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (OEMs) से आ रही बढ़ती मांग को पूरा करना है।
इसके साथ ही, बोर्ड ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹0.90 (यानी 45%) का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है।
📈 आगे की राह और निवेशकों के लिए मुख्य बातें
कंपनी के लिए ग्रोथ के प्रमुख चालक OEMs से लगातार मिल रही मांग और कंपनी द्वारा की जा रही अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार है। नए अलॉय व्हील प्लांट प्रोजेक्ट का सफल कार्यान्वयन भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। निवेशकों को कंसॉलिडेटेड ग्रोथ के मुकाबले स्टैंडअलोन प्रॉफिटेबिलिटी की दिशा पर भी नजर रखनी चाहिए। कुल मिलाकर, रणनीतिक निवेश और लगातार रेवेन्यू विस्तार के दम पर कंपनी का भविष्य सकारात्मक दिख रहा है।
आने वाले समय में निवेशक नई फैसिलिटी के चालू होने और उसके कंपनी की कमाई में योगदान पर बारीकी से नजर रखेंगे। लगातार मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन को बनाए रखना अगले कुछ तिमाहियों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
