इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनी Ultraviolette Automotive अपनी सालाना प्रोडक्शन कैपेसिटी को **1.5 लाख यूनिट** तक बढ़ाने की तैयारी में है। यह कदम कंपनी की नई Tesseract स्कूटर के लॉन्च को ध्यान में रखकर उठाया जा रहा है, जो 2027 की शुरुआत में आएगी। इस नए मॉडल के लिए **80,000 से ज्यादा बुकिंग्स** मिल चुकी हैं। कंपनी अपने रिटेल सेंटर्स की संख्या भी दोगुनी कर 100 तक करने वाली है। यह विस्तार कंपनी की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत भविष्य में स्टॉक मार्केट में डेब्यू (IPO) की योजना है।
Tesseract स्कूटर के लिए प्रोडक्शन बढ़ाने की तैयारी
बेंगलुरु की Ultraviolette Automotive अगले कुछ सालों में अपनी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी को तीन गुना बढ़ाकर 1.5 लाख यूनिट प्रति वर्ष करने जा रही है। यह विस्तार कंपनी के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि वे मौजूदा मोटरसाइकिल लाइनअप से आगे बढ़कर ज्यादा वॉल्यूम वाली इलेक्ट्रिक स्कूटर मार्केट में भी कदम रखना चाहते हैं। फिलहाल, कंपनी हर महीने 600 से ज्यादा मोटरसाइकिलें बेच रही है और 2026 के अंत तक यह आंकड़ा 1,000 मासिक बिक्री तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
Tesseract स्कूटर का लॉन्च और निवेशक
इस प्रोडक्शन कैपेसिटी विस्तार का मुख्य कारण जल्द ही लॉन्च होने वाली Tesseract इलेक्ट्रिक स्कूटर है, जिसकी कस्टमर डिलीवरी 2027 की पहली तिमाही में शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी का दावा है कि इस मॉडल के लिए 80,000 से अधिक बुकिंग्स आ चुकी हैं, जो ग्राहकों की दिलचस्पी को दर्शाती है। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों के लिए यह देखना अहम होगा कि कंपनी इन बुकिंग्स को बिना किसी तकनीकी समस्या या क्वालिटी इश्यू के कितनी जल्दी डिलीवर कर पाती है। इसके अलावा, कंपनी अपने रिटेल नेटवर्क को भी दोगुना करके साल के अंत तक 100 एक्सपीरियंस सेंटर्स तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है, जो वर्तमान 45 सेंटर्स से काफी ज्यादा है।
स्ट्रैटेजिक विस्तार और बाजार की स्थिति
Ultraviolette का प्रोडक्शन स्केल-अप करने का फैसला एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी भविष्य में अपना IPO ला सकती है। फिलहाल, कंपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट पर फोकस कर रही है और 19 देशों में एक्सपोर्ट भी करती है। यह अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी घरेलू मांग के उतार-चढ़ाव को संतुलित करने के लिए है। हालांकि, भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जहां स्थापित खिलाड़ी और नए एंट्री करने वाले लगातार बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने के लिए कीमतों में बदलाव करते रहते हैं। इस तेजी से हो रहे विस्तार से जुड़े खर्चों को मैनेज करना, जिसमें नए रिटेल सेंटर्स खोलना और मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाना शामिल है, कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन के लिए बहुत जरूरी होगा।
निवेशकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें
एक खास (niche) मोटरसाइकिल निर्माता से एक व्यापक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ब्रांड बनने के सफर में कंपनी के लिए बड़े एग्जीक्यूशन रिस्क हैं। निवेशकों को कंपनी की प्रीमियम पोजिशनिंग बनाए रखने और मास-मार्केट स्कूटर सेगमेंट के लिए प्रोडक्शन बढ़ाने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी के कैपिटल स्पेंडिंग (पूंजीगत व्यय) की जरूरतों पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है, क्योंकि आक्रामक विस्तार परियोजनाओं के लिए अक्सर बड़े फंड की आवश्यकता होती है, जो मांग के हिसाब से उत्पादन न होने पर कैश फ्लो को प्रभावित कर सकता है। नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के चालू होने और Tesseract की डिलीवरी टाइमलाइन पर भविष्य के अपडेट कंपनी की ग्रोथ के रास्ते की तस्वीर साफ करेंगे।
