US Imposes 50% Tariff: कनाडा से आने वाली गाड़ियों पर भारी टैक्स, ऑटो सेक्टर में मचा हड़कंप

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
US Imposes 50% Tariff: कनाडा से आने वाली गाड़ियों पर भारी टैक्स, ऑटो सेक्टर में मचा हड़कंप

US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा से आयात होने वाली गाड़ियों और ऑटो पार्ट्स पर **50%** टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह नियम **1 जनवरी 2027** से लागू होगा, जिससे Ford, GM और Toyota जैसी बड़ी कंपनियों के लिए सप्लाई चेन का संकट खड़ा हो गया है।

ट्रेड वॉर का असर

दोनों देशों के बीच ट्रेड बातचीत के फेल होने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया है। ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की सप्लाई चेन अमेरिका और कनाडा के बीच बहुत गहराई से जुड़ी हुई है, ऐसे में यह 50% का टैक्स कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती है।

किन कंपनियों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा दबाव?

General Motors, Ford, Stellantis, Toyota और Honda जैसी कंपनियों के लिए यह बदलाव सबसे बड़ी मुसीबत बन सकता है। Chevrolet Silverado, Toyota RAV4, Honda CR-V और Chrysler Pacifica जैसे लोकप्रिय मॉडल्स के प्रोडक्शन पर सीधा असर पड़ने की आशंका है। इन गाड़ियों के कई पार्ट्स और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट दोनों देशों में फैले हुए हैं, जिससे अब प्रोडक्शन कॉस्ट में भारी इजाफा होना तय है।

कनाडा का पलटवार (Retaliatory Measures)

इस कदम के जवाब में कनाडा ने भी कमर कस ली है। कनाडा 8 सितंबर 2026 से अमेरिकी सामानों (जैसे स्टील, डेयरी और एग्रीकल्चर मशीनरी) पर लगभग $20 अरब तक का टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। यह ट्रेड वॉर सिर्फ ऑटो सेक्टर ही नहीं, बल्कि कई अन्य अमेरिकी एक्सपोर्टर्स के लिए भी अनिश्चितता पैदा कर रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

मार्केट एक्सपर्ट्स को कंपनियों के मार्जिन पर भारी दबाव (Margin Compression) की चिंता सता रही है। अब ऑटो कंपनियों के पास दो ही रास्ते बचे हैं: या तो वे टैरिफ का बोझ खुद उठाएं (जिससे मुनाफा घटेगा) या फिर अपना प्रोडक्शन पूरी तरह अमेरिका शिफ्ट करें (जिसमें भारी निवेश और समय लगेगा)। यदि कंपनियां इस लागत को ग्राहकों पर डालती हैं, तो गाड़ियों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे सेल्स वॉल्यूम कम होने का रिस्क बना हुआ है।

निवेशकों को अब जनवरी की डेडलाइन से पहले होने वाली डिप्लोमैटिक बातचीत और कंपनियों के नए फाइनेंशियल गाइडेंस पर पैनी नजर रखने की जरूरत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.