व्यापारिक टकराव और कानूनी अनिश्चितता
अमेरिकी सरकार ने यूरोपीय संघ (EU) की कारों और ट्रकों पर 25% का नया टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम 'मेक इन अमेरिका' पहल के तहत देश में ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, और यह EU द्वारा एक पुराने व्यापार समझौते का पालन न करने की प्रतिक्रिया भी है।
हालांकि, इस ऐलान के साथ ही एक बड़ी कानूनी अनिश्चितता भी जुड़ गई है। दरअसल, फरवरी 2026 में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में राष्ट्रपति के कुछ खास कानूनों के तहत टैरिफ लगाने के अधिकार पर सवाल उठाए थे। ऐसे में, यह नया टैरिफ किस कानूनी आधार पर लगाया जा रहा है, इस पर बहस छिड़ गई है और आगे अदालती चुनौती की आशंका है।
इस डेवलपमेंट के जवाब में, यूरोपीय संघ ने अमेरिका के साथ अपनी प्रस्तावित ट्रेड डील को फिलहाल रोक दिया है और वह इस मामले पर स्पष्टीकरण की मांग कर रहा है।
यूरोपीय ऑटो सेक्टर पर गहराता संकट
यह टैरिफ बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है जब यूरोपीय ऑटोमोबाइल सेक्टर पहले से ही कई मुश्किलों का सामना कर रहा है। Fitch Ratings ने 2026 के लिए ग्लोबल ऑटो आउटलुक को 'खराब' बताया है। कंपनियाँ लगातार बढ़ती लागत, चीन से कड़ी प्रतिस्पर्धा और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) की ओर शिफ्ट होने जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। अप्रैल 2026 में यूरोज़ोन में 3% की महंगाई और ऊर्जा की ऊंची कीमतें उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता को और कम कर रही हैं। इसके चलते S&P Eurozone Automotive & Electric Vehicles Index पिछले साल 13.31% गिर चुका है।
अमेरिकी मार्केट में मिले-जुले संकेत
दूसरी ओर, अमेरिकी ऑटो मार्केट में मिले-जुले संकेत दिख रहे हैं। Cox Automotive का अनुमान है कि 2026 में नई गाड़ियों की बिक्री 2.4% घटकर 1.58 करोड़ यूनिट तक पहुंच सकती है। हालांकि, देश में ऑटो प्लांट में $100 अरब से अधिक का निवेश भी हुआ है। Tesla का मार्केट कैप $1.3 ट्रिलियन से ऊपर है, वहीं General Motors (GM) का शेयर पिछले साल 65.03% की तेजी दिखा चुका है।
आगे की राह
विश्लेषकों, जैसे Barclays के अनुसार, यूरोपीय कार स्टॉक इस नई स्थिति में और भी कमजोर दिख रहे हैं। इस टैरिफ का असर दोनों पक्षों की सप्लाई चेन और लागत पर पड़ सकता है। ऐसे में, यूरोपीय ऑटो उद्योग के लिए 2026 का साल चुनौतीपूर्ण रहने की उम्मीद है, जहाँ मुनाफे में और गिरावट आ सकती है।
