Hero MotoCorp, Bajaj Auto और TVS Motor जैसी दिग्गज कंपनियां फेस्टिव सीजन में भारी डिस्काउंट दे रही हैं। बढ़ती लागत के बावजूद डिमांड बरकरार रखने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है, ताकि सितंबर में दिखी **33%** की रिटेल सेल ग्रोथ को आगे भी जारी रखा जा सके।
भारतीय ऑटो कंपनियां इस फेस्टिव सीजन में बिक्री की रफ्तार को थामे रखने के लिए आक्रामक डिस्काउंट का सहारा ले रही हैं। हालांकि सितंबर के महीने में इंडस्ट्री ने 33.1% की शानदार रिटेल ग्रोथ दर्ज की थी और कुल बिक्री 17.90 लाख यूनिट्स तक पहुंच गई थी, लेकिन कंपनियों को डर है कि महंगाई के कारण ग्राहक अब सतर्क हो गए हैं।
लागत और प्रतिस्पर्धा का दबाव
कंपनियों के लिए अपनी मार्केट हिस्सेदारी बचाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बीते एक साल में कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसमें स्टील 15% और कॉपर 20% तक महंगा हुआ है। कंपनियों ने कीमतें तो बढ़ाईं, लेकिन वे पूरी लागत को ग्राहकों पर नहीं डाल सकीं। अब बाजार में टिके रहने के लिए कंपनियां अपनी जेब से लागत का बोझ झेल रही हैं।
Bajaj Auto ने अपने कुछ Pulsar मॉडल्स पर ₹8,900 तक के बेनिफिट्स और फीस माफी जैसे ऑफर्स पेश किए हैं। वहीं, TVS Motor अपनी फाइनेंसिंग शाखाओं के जरिए 5.99% से शुरू होने वाले ब्याज दरों का लालच दे रही है, जबकि Hero MotoCorp कैश बोनस के साथ रोडसाइड असिस्टेंस जैसे वैल्यू-एडेड सर्विसेज पर जोर दे रही है।
प्रीमियम सेगमेंट पर दांव
कंपनियां अब ग्राहकों को 125cc से 250cc के प्रीमियम मॉडल्स की ओर खींचने की कोशिश कर रही हैं। इन बाइक्स में स्मार्टफोन कनेक्टिविटी और एडवांस्ड ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर्स मिलते हैं, जिनमें मार्जिन बेहतर होता है। फेस्टिव ऑफर्स के जरिए रेवेन्यू प्रति व्हीकल बढ़ाने की कोशिश की जा रही है ताकि बढ़ती महंगाई के दबाव को कम किया जा सके।
निवेशकों के लिए रिस्क
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये ऑफर्स 31 अक्टूबर के बाद खत्म होने पर क्या डिमांड बनी रहेगी। अगर ये डिस्काउंट लंबी अवधि तक चले, तो कंपनियों के मुनाफे पर बुरा असर पड़ सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स की नजर इस बात पर है कि क्या फेस्टिव सीजन के बाद भी ये कंपनियां अपना मार्जिन सुरक्षित रख पाएंगी या नहीं।
