Tesla ने अपनी दूसरी जनरेशन की Roadster कार के लॉन्च के लिए साल **2028** का लक्ष्य रखा है। इसमें SpaceX की तकनीक पर आधारित कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स दिए गए हैं, जो इसे एक 'हेलो' (Halo) प्रोडक्ट के तौर पर पेश करते हैं।
तकनीक का अनोखा संगम
Tesla ने आखिरकार अपनी बहुप्रतीक्षित Roadster के लिए 2028 का नया प्रोडक्शन टारगेट तय किया है। 2017 में पहली बार टीज की गई इस कार में एयरोस्पेस तकनीक से प्रेरित कोल्ड-गैस थ्रस्टर्स का इस्तेमाल किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी रफ्तार है, जो 0 से 60 mph की स्पीड 1 सेकंड से भी कम समय में पकड़ सकती है। इस सुपरकार की कीमत लगभग $250,000 रहने का अनुमान है।
क्या यह कंपनी के मुनाफे पर असर डालेगी?
फाइनेंशियल भाषा में इसे 'हेलो' व्हीकल कहा जा रहा है, जिसका मकसद कंपनी की ब्रांड इमेज और इंजीनियरिंग क्षमता को दुनिया के सामने लाना है। हालांकि, Tesla की असल कमाई और प्रॉफिटेबिलिटी अभी भी Model 3, Model Y और Cybertruck की मास-प्रोडक्शन पर टिकी है। निवेशकों के लिए चिंता का विषय यह है कि क्या इस प्रोजेक्ट के कारण कंपनी का ध्यान और बजट मुख्य रेवेन्यू स्ट्रीम से भटक सकता है।
रिस्क और चुनौतियां
रोडस्टर के साथ सबसे बड़ा रिस्क इसकी डेडलाइन है। 2017 से अब तक इसे कई बार टाला जा चुका है, जो इसके एग्जीक्यूशन पर सवाल खड़े करता है। इसके अलावा, आम सड़कों पर हाई-प्रेशर थ्रस्टर्स का इस्तेमाल करना रेगुलरिटी और सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चुनौती है। CEO एलन मस्क ने खुद संकेत दिया है कि इस कार में परफॉरमेंस को सुरक्षा मानकों से ऊपर रखा गया है, जिस पर दुनिया भर के ट्रांसपोर्ट रेगुलेटर्स की पैनी नजर हो सकती है। निवेशकों को आने वाले समय में यह देखना होगा कि कंपनी अपना कैपिटल एलोकेशन कैसे मैनेज करती है और क्या वह 2028 के इस वादे को निभा पाती है।
