Tesla India Motors and Energy के फाइनेंशियल ईयर **2026** के नतीजे सामने आए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **₹247.3 करोड़** के स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें Model Y की बिक्री ने मुख्य भूमिका निभाई है।
Tesla India ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए खुद को एक ऑटो रिटेल कंपनी के रूप में स्थापित किया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के ₹20.8 करोड़ से बढ़कर ₹247.3 करोड़ हो गया है, जो कि 10 गुना से भी ज्यादा की वृद्धि है। यह उछाल मुख्य रूप से 'Model Y' की भारतीय सड़कों पर हुई दमदार एंट्री की बदौलत है।
बढ़ते खर्च और मार्जिन पर दबाव
तेजी से विस्तार करने की रणनीति के साथ कंपनी के खर्चों में भी भारी बढ़ोतरी देखी गई है। कुल खर्च पिछले साल के ₹20.4 करोड़ से बढ़कर ₹240 करोड़ पर पहुंच गया है। इसमें वर्कफोर्स पर होने वाला खर्च ₹43.7 करोड़ रहा, जो पहले ₹13.5 करोड़ था। हालांकि कंपनी ने ₹5.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, लेकिन इस बड़े विस्तार के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 13.7% से घटकर 5.5% पर आ गया है।
बैलेंस शीट और आगे की चुनौती
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूती के संकेत दे रही है। कंपनी का कुल एसेट ₹293.5 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल यह ₹62.6 करोड़ था। कंपनी के पास ₹44.6 करोड़ की इन्वेंट्री मौजूद है, जो भविष्य की मांग को पूरा करने की तैयारी दिखाती है। अच्छी बात यह है कि कंपनी पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Debt-free) है। अब देखने वाली बात यह होगी कि भारतीय बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है और इन्वेंट्री को कितनी तेजी से भुनाती है।
