Tesla पर South Korea में गिरी गाज: Full Self-Driving विज्ञापनों को लेकर शुरू हुई जांच

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Tesla पर South Korea में गिरी गाज: Full Self-Driving विज्ञापनों को लेकर शुरू हुई जांच

South Korea का रेगुलेटर Korea Fair Trade Commission (KFTC) अब Tesla के खिलाफ जांच कर रहा है। आरोप है कि कंपनी ने चीन में बनी ऐसी कारों के लिए Full Self-Driving (FSD) सॉफ्टवेयर बेचा, जो इस फीचर के लिए योग्य ही नहीं थीं। हालांकि एक कोर्ट ने रिफंड से जुड़ा केस खारिज कर दिया है, लेकिन रेगुलेटरी जांच अभी भी कंपनी की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

भ्रामक मार्केटिंग का आरोप

Tesla के लिए South Korea में मुसीबतें बढ़ती दिख रही हैं। कोरिया फेयर ट्रेड कमीशन (KFTC) इस बात की जांच कर रहा है कि क्या कंपनी ने अपने 'Full Self-Driving' (FSD) सॉफ्टवेयर की मार्केटिंग करते समय ग्राहकों को गुमराह किया है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या Tesla ने जानबूझकर उन कारों के मालिकों को यह प्रीमियम सॉफ्टवेयर बेचा, जो स्थानीय नियमों के तहत सर्टिफाइड ही नहीं थीं।

आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले साल South Korea में बिकने वाली लगभग 99% नई Tesla गाड़ियां चीन में बनी थीं। ये गाड़ियां उस समय स्थानीय ट्रांसपोर्ट अथॉरिटीज से सुरक्षा सर्टिफिकेशन नहीं ले पाई थीं जो FSD इनेबल करने के लिए जरूरी था। वहीं, अमेरिका में बनी गाड़ियां, जो देश के कुल फ्लीट का करीब 20% हिस्सा हैं, स्थानीय मानकों पर खरी उतरी थीं।

कोर्ट की राहत के बाद भी चुनौती बरकरार

हालांकि, हाल ही में कंपनी को कानूनी तौर पर एक बड़ी राहत मिली थी। 29 अक्टूबर 2026 को सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 89 कार मालिकों की याचिका खारिज कर दी, जो FSD रिफंड की मांग कर रहे थे। कोर्ट ने माना कि कंपनी ने कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन नहीं किया है क्योंकि FSD पैकेज पूरी तरह ऑटोनॉमस ड्राइविंग की गारंटी नहीं देता है। लेकिन यह कोर्ट केस कॉन्ट्रैक्ट लॉ से जुड़ा था, जबकि KFTC की जांच सीधे तौर पर 'कंज्यूमर डिसेप्शन' (उपभोक्ता को धोखा देने) के गंभीर आरोपों पर केंद्रित है।

अवैध हार्डवेयर का इस्तेमाल

इस मामले ने एक नया मोड़ तब लिया जब सामने आया कि लगभग 80 Tesla मालिकों ने गैर-कानूनी थर्ड-पार्टी हार्डवेयर डिवाइस का इस्तेमाल करके FSD फीचर्स को जबरन चालू करने की कोशिश की थी। पुलिस ने इनमें से 21 डिवाइस जब्त कर लिए हैं, जो यह दिखाता है कि रेगुलेटरी बाधाओं के बावजूद ग्राहकों के बीच इस तकनीक को लेकर कितना क्रेज है।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

अब निवेशकों की नजरें पूरी तरह से KFTC के फैसले पर टिकी हैं। अगर कंपनी दोषी पाई जाती है, तो उसे भारी जुर्माना देना पड़ सकता है, विज्ञापन बदलने के सख्त आदेश मिल सकते हैं, या फिर उस क्षेत्र में FSD की बिक्री पर रोक भी लग सकती है। Tesla ने हाल ही में चीन में बनी गाड़ियों के लिए सर्टिफिकेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन सेल्स और रेगुलेटरी अनुपालन के बीच का यह गैप कंपनी की साख और लॉन्ग-टर्म ब्रांड वैल्यू पर भारी पड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.