Tesla ने भारत में अपने नेटवर्क का विस्तार करते हुए अहमदाबाद में अपना सातवां सर्विस सेंटर खोल दिया है और 20 नए सुपरचार्जर्स (Superchargers) तैनात किए हैं।
भारत में नेटवर्क का विस्तार
Tesla ने भारत में अपनी मौजूदगी को मजबूती देने के लिए अहमदाबाद में अपना सातवां सर्विस सेंटर शुरू किया है। दिल्ली, गुड़गांव, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और मुंबई के बाद अब अहमदाबाद भी कंपनी के इस डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर सेल्स मॉडल का हिस्सा बन गया है। इसके साथ ही 20 नए सुपरचार्जर्स (Superchargers) भी चालू किए गए हैं, जो भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपनाने वाले ग्राहकों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की एक बड़ी कड़ी साबित होंगे।
फाइनेंशियल ईयर 2026 और भारी खर्च
निवेशक कंपनी के इस विस्तार को उसके वैश्विक फाइनेंशियल प्रदर्शन के नजरिए से देख रहे हैं। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए $25 बिलियन से अधिक का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) अनुमानित किया है। इस निवेश का बड़ा हिस्सा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और चार्जिंग नेटवर्क पर खर्च किया जा रहा है।
मार्जिन पर दबाव
इस आक्रामक खर्च का असर कंपनी के मुनाफे पर भी दिख रहा है। Tesla का ऑटोमोटिव मार्जिन जो साल 2026 की पहली तिमाही में 19.2% था, वह दूसरी तिमाही में गिरकर 16.3% पर आ गया है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भविष्य में यह इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च मुनाफे में कैसे बदलेगा।
निवेशकों के लिए अनिश्चितता
फिलहाल, कंपनी का फ्री कैश फ्लो खर्चों के कारण दबाव में है। अहमदाबाद जैसे शहरों में सर्विस सेंटर खोलने से ग्राहकों की 'रेंज एंग्जायटी' (Range Anxiety) तो कम होगी, लेकिन रोबोटैक्सी और ऑटोनॉमस सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट पर किए जा रहे निवेश का रिटर्न अभी भी अनिश्चित बना हुआ है। अब देखना यह है कि क्या यह इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च आने वाले समय में वाहन की मांग को इतना बढ़ा पाएगा कि मार्जिन को स्थिर किया जा सके।
