Tesla ने अपनी स्टीयरिंग-व्हील-फ्री Cybercab को **2026** के अंत तक उतारने का लक्ष्य रखा है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा बदलाव है। हालांकि, अमेरिकी रेगुलेटर्स की सुरक्षा जांच ने इस लॉन्च पर संकट के बादल खड़े कर दिए हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
Elon Musk के नेतृत्व में Tesla अब एक बड़ा दांव खेल रही है। कंपनी का नया Cybercab बिना स्टीयरिंग व्हील और पेडल वाला एक ऐसा वाहन है, जो सीधे रोबोटैक्सी फ्लीट ऑपरेटर्स को टारगेट करेगा। यह मॉडल 'ट्रांसपोर्ट-एज-ए-सर्विस' की तरफ एक बड़ा शिफ्ट है, जहां कंपनी सिर्फ कार बेचने के बजाय ऑटोनॉमस राइड-हेलिंग से कमाई करना चाहती है।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के सामने सबसे बड़ी बाधा National Highway Traffic Safety Administration (NHTSA) की जांच है। चूंकि Cybercab में ब्रेक पैडल या रियर-व्यू मिरर जैसे पारंपरिक कंट्रोल्स नहीं हैं, इसलिए यह मौजूदा सुरक्षा फ्रेमवर्क में फिट नहीं बैठता। Tesla को अब यह साबित करना होगा कि बिना मानवीय हस्तक्षेप के ये गाड़ियां सार्वजनिक सड़कों पर कितनी सुरक्षित हैं। इससे पहले General Motors की Cruise जैसी कंपनियां भी ऐसे ही कड़े सेफ्टी ऑडिट और देरी का सामना कर चुकी हैं।
FSD अपडेट में देरी और निवेशकों का दबाव
यह बदलाव सिर्फ नई गाड़ी तक सीमित नहीं है। मौजूदा Tesla ग्राहकों के लिए 'Full Self-Driving' (FSD) सिस्टम का रोलआउट अब 2026 की दूसरी तिमाही तक टाल दिया गया है। कंपनी का ध्यान अब नए फ्लीट पर शिफ्ट हो रहा है, जिससे उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है जो Tesla की वैल्यूएशन को उसके हाई-मार्जिन सॉफ्टवेयर और ऑटोनॉमस सर्विस रेवेन्यू के आधार पर देख रहे थे।
आगे क्या होगा?
आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर NHTSA की ऑडिट रिपोर्ट और Cybercab के प्रोडक्शन शुरू होने की तारीखों पर रहेगी। साथ ही, Alphabet की Waymo जैसे दिग्गजों के बीच Tesla अपनी जगह कैसे बनाती है, यह देखना बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि रोबोटैक्सी मार्केट में प्रतिस्पर्धा काफी तेज है।
