JLR पर साइबर अटैक का कहर: प्रोडक्शन ठप, सेल्स गिरीं
Tata Motors Passenger Vehicles (TMPV) ने तीसरी तिमाही में ₹3,486 करोड़ का नेट लॉस दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹5,406 करोड़ के मुनाफे से एकदम उलट है। इस भारी नुकसान के पीछे सबसे बड़ा कारण Jaguar Land Rover (JLR) डिविजन पर हुआ एक बड़ा साइबर अटैक है। इस हमले ने JLR के प्रोडक्शन को हफ्तों तक रोक दिया और ग्लोबल सप्लाई चेन में भी बड़ी गड़बड़ियां पैदा कर दीं।
इसके नतीजतन, JLR के होलसेल वॉल्यूम में 43.3% की भारी गिरावट आई और यह 59,200 यूनिट पर आ गया। वहीं, रिटेल सेल्स में भी 25.1% की कमी देखी गई, जो 79,600 यूनिट रही। प्रोडक्शन को सामान्य होने में नवंबर के मध्य तक का समय लग गया, जिससे कंपनी को प्रोडक्शन और ग्लोबल लॉजिस्टिक्स में अतिरिक्त चुनौतियों का सामना करना पड़ा। अकेले इस साइबर अटैक के सीधे प्रभाव के चलते कंपनी को ₹1,597 करोड़ का एक बड़ा चार्ज (charge) झेलना पड़ा, जिसने कंपनी की वित्तीय सेहत पर गहरी चोट पहुंचाई।
डोमेस्टिक मार्केट में मजबूती, JLR की कमजोरी
जहां JLR की ये हालत रही, वहीं Tata Motors का डोमेस्टिक पैसेंजर व्हीकल (PV) सेगमेंट उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इस सेगमेंट में रेवेन्यू में 24% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसका श्रेय Nexon और Punch जैसी कारों की मजबूत डिमांड को जाता है। यह दिखाता है कि कंपनी के घरेलू बाजार में प्रदर्शन काफी मजबूत है, लेकिन JLR की समस्याएं समूचे नतीजों पर भारी पड़ रही हैं। JLR पर हुए साइबर अटैक को यूके के इतिहास का सबसे बड़ा और नुकसानदायक साइबर इवेंट माना जा रहा है, जिसने यूके की इकोनॉमी को करीब £1.9 अरब (अरब पाउंड) का नुकसान पहुंचाया और 5,000 से ज्यादा व्यवसायों को प्रभावित किया।
एनालिस्ट्स की राय और आगे की राह
बाजार विश्लेषकों (Analysts) की नजरें अब Tata Motors की उन रणनीतियों पर हैं जिनसे JLR के ऑपरेशनल रिस्क को कम किया जा सके। ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने Tata Motors PV शेयर्स को 'Buy' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹430 रखा है। वे JLR और इंडिया PV के FY27-28 के आउटलुक को लेकर पॉजिटिव हैं, भले ही मौजूदा स्थिति चुनौतीपूर्ण हो। 4 फरवरी 2026 तक, Tata Motors का स्टॉक लगभग ₹375.45 पर ट्रेड कर रहा था, जिसका P/E रेश्यो करीब 29.55 है। यह दिखाता है कि बाजार JLR की मौजूदा मुश्किलों को अपनी वैल्यूएशन में शामिल कर रहा है।
