Tata Motors के शेयर में आज जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कंपनी के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के बीच Iveco Group की **€3.43 बिलियन** की डील पर हुई चर्चा के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इस सौदे से Tata Motors अब दुनिया की टॉप-4 कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हो गई है।
ग्लोबल मार्केट में बढ़ाया दम
5 नवंबर, 2026 को Tata Motors के शेयरों में 8% की उछाल दर्ज की गई। यह तेजी तब आई जब Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने रोम में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से मुलाकात कर इस बड़ी डील की औपचारिकताओं को आगे बढ़ाया। आपको याद दिला दें कि 30 अक्टूबर को ही कंपनी ने €3.43 बिलियन में Iveco Group की 89.42% हिस्सेदारी खरीदने की प्रक्रिया पूरी की है।
इस अधिग्रहण के बाद Tata Motors का दायरा काफी बड़ा हो गया है। यूरोप और लैटिन अमेरिका में Iveco की मजबूत मौजूदगी के साथ, कंपनी का सालाना रेवेन्यू अब करीब 21 बिलियन यूरो के स्तर पर पहुंच गया है।
निवेशकों के सामने अब क्या चुनौतियां?
बाजार का उत्साह तो दिख रहा है, लेकिन अब असली चुनौती 'ऑपरेशनल इंटीग्रेशन' की है। भारत, यूरोप और लैटिन अमेरिका के अलग-अलग वर्क कल्चर और मैनेजमेंट सिस्टम को एक साथ लाना कोई छोटा काम नहीं है। कंपनी के सामने यह साबित करने की चुनौती है कि वह बिना प्रोडक्शन को धीमा किए इस विलय को सफल बना सके।
कर्ज और कैश फ्लो पर नज़र
सबसे अहम बात यह है कि इतनी बड़ी डील के लिए भारी पूंजी की जरूरत पड़ी है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि इस खरीद के लिए कोई नया इक्विटी जारी नहीं किया जाएगा, लेकिन निवेशकों की नज़र अब कंपनी के डेट (कर्ज) लेवल और कैश फ्लो पर टिकी है। बाजार अब अगली तिमाही के नतीजों में यह देखेगा कि कंपनी मैनेजमेंट कैसे कॉस्ट एफिशिएंसी हासिल करती है और डेट कम करने की दिशा में क्या कदम उठाती है।
