Tata Motors के शेयर में आज **2%** से ज्यादा की तेजी देखने को मिली और यह **₹423.40** पर पहुंच गया। कंपनी के FY26 के शानदार परफॉरमेंस और कर्ज-इक्विटी अनुपात में भारी कमी की वजह से निवेशकों में उत्साह है।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में Tata Motors के शेयर 2.04% चढ़कर ₹423.40 के स्तर पर पहुंच गए। यह तेजी कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों और बैलेंस शीट को मजबूत करने की कोशिशों का नतीजा है।
फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजे
मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में, Tata Motors ने ₹83,855 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल के ₹58,217 करोड़ की तुलना में 44.04% की बड़ी बढ़ोतरी है। हालांकि, इसी अवधि में नेट प्रॉफिट ₹2,861 करोड़ रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर 2025 के ₹3,070 करोड़ की तुलना में 6.84% कम है। यह रेवेन्यू ग्रोथ और प्रॉफिट में गिरावट बताती है कि कंपनी ने इस दौरान लागत या खर्चों में बढ़ोतरी का सामना किया है।
कंपनी के लिए एक अहम सुधार उसके कर्ज के मोर्चे पर आया है। कर्ज-इक्विटी अनुपात (Debt-to-Equity Ratio) फाइनेंशियल ईयर 2026 में घटकर 0.38 हो गया, जो पिछले साल 0.87 था। इससे कंपनी की पूंजी संरचना (Capital Structure) में स्थिरता आई है। इसके अलावा, ऑपरेटिंग एक्टिविटीज से कंपनी का कैश फ्लो भी 75.28% बढ़कर ₹14,981 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल ₹8,547 करोड़ था।
तिमाही प्रदर्शन और निवेशकों की उम्मीदें
तिमाही नतीजों की बात करें तो, मार्च 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹26,098 करोड़ रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि से 19.37% ज्यादा है। इस तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹1,686 करोड़ रहा, जो मार्च 2025 तिमाही के ₹1,274 करोड़ की तुलना में 32.34% की वृद्धि है। यह ग्रोथ विशेष रूप से अहम है क्योंकि पिछली कुछ तिमाहियों में अस्थिरता देखी गई थी, जिसमें सितंबर 2025 में नुकसान भी शामिल था।
आगे की बात करें तो, निवेशकों की अगली बड़ी नजर 12 अगस्त, 2026 को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर है। इस मीटिंग में कंपनी जून 30, 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजों की समीक्षा और मंजूरी देगी। इससे नए वित्तीय वर्ष में कंपनी की डिमांड और प्रॉफिट मार्जिन को संभालने की रणनीति पर और स्पष्टता मिलेगी। हाल ही में, कंपनी ने ₹4.00 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Final Dividend) घोषित किया था, जो 12 जून, 2026 को प्रभावी हुआ।
