Tata Motors Share Price: शेयर **6%** भागा! EV डिमांड बेतहाशा बढ़ी, पर कंपनी को सता रही ये चिंता

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Motors Share Price: शेयर **6%** भागा! EV डिमांड बेतहाशा बढ़ी, पर कंपनी को सता रही ये चिंता

Tata Motors के शेयरों में आज करीब **6%** की जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी ने अपने **₹40,000 करोड़** की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर भरोसा जताया है। हालांकि, Punch EV जैसे पॉपुलर मॉडलों की रिकॉर्ड डिमांड और लंबी वेटिंग लिस्ट के बीच सप्लाई चेन की दिक्कतें और बढ़ती कमोडिटी की कीमतें मुनाफे पर दबाव बना रही हैं।

₹40,000 करोड़ की ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर कसा भरोसा

13 अगस्त 2026 को Tata Motors के शेयरों में करीब 6% की उछाल देखी गई, क्योंकि कंपनी ने अपनी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ योजनाओं को लेकर स्थिति साफ की। निवेशकों को मैनेजमेंट की तरफ से यह आश्वासन मिलने से राहत मिली कि टाटा संस (Tata Sons) से एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) के 2027 की शुरुआत में होने वाले संभावित एग्जिट का कंपनी की ₹40,000 करोड़ की इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

EV मार्केट में धूम, पर सप्लाई की चुनौती

बाजार की निगाहें कंपनी के आक्रामक इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) प्लान पर टिकी हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में Tata Motors ने रिकॉर्ड 34,000 यूनिट्स से ज्यादा की EV बिक्री दर्ज की। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी ने अपनी मंथली प्रोडक्शन कैपेसिटी को बढ़ाकर 15,000 यूनिट्स कर दिया है। लेकिन, सप्लाई चेन की रुकावटें अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई हैं, जिसके चलते लोकप्रिय Punch EV के लिए वेरिएंट और बैटरी कॉन्फ़िगरेशन के आधार पर 7 से 10 हफ्तों तक का वेटिंग टाइम चल रहा है।

मुनाफे पर कमोडिटी कीमतों का दबाव

हालांकि डिमांड मजबूत है, कंपनी की फाइनेंशियल रिपोर्ट कुछ दबाव को भी उजागर करती है। Q1 FY27 में, स्टैंडअलोन रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 23% बढ़कर ₹19,329 करोड़ हो गया, और नेट प्रॉफिट 8.3% बढ़कर ₹1,528 करोड़ रहा। इनগুলোর बावजूद, प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ा है। ऑपरेटिंग मार्जिन (EBITDA मार्जिन) पिछले साल के 12.67% से घटकर 11.26% पर आ गया, जिसका मुख्य कारण बढ़ती कमोडिटी की कीमतें हैं।

निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी इन मैन्युफैक्चरिंग चुनौतियों से कैसे निपटती है। सप्लाई की कमी और लॉजिस्टिकल दिक्कतों जैसी पिछली रुकावटों ने कभी-कभी प्रोडक्शन को सीमित कर दिया है। इसके अलावा, कंपनी EV सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। मैनेजमेंट ने निरंतरता का वादा किया है, लेकिन आक्रामक विस्तार और अस्थिर कमोडिटी कीमतों वाले माहौल में प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने के बीच संतुलन साधना एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। कंपनी की EV और CNG-आधारित ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर उसका फोकस बरकरार है, और मैनेजमेंट आने वाले त्योहारी सीजन की उम्मीदों को पूरा करने के लिए सप्लाई चेन की बाधाओं को दूर करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.