Tata Motors ने Iveco Group के अधिग्रहण के लिए अपनी अंतिम बोली को बढ़ाकर **€14.40** प्रति शेयर कर दिया है। डील अभी भी अधर में लटकी है क्योंकि फिलहाल केवल **28.4%** शेयरहोल्डर्स ने ही इस पर सहमति जताई है।
फाइनल ऑफर का ऐलान
9 अक्टूबर 2026 को Tata Motors ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वे Iveco Group के लिए अब €14.40 प्रति शेयर का भुगतान करेंगे। पिछली बोली के मुकाबले यह 2% की बढ़ोतरी है। कंपनी ने इसे अपना 'बेस्ट और फाइनल' प्राइस करार दिया है, ताकि 26 अक्टूबर की समय सीमा से पहले शेयरहोल्डर्स को रिझाया जा सके।
अगर यह अधिग्रहण सफल होता है, तो कंपनी का लक्ष्य €21 बिलियन की वार्षिक रेवेन्यू तक पहुंचना है। हालांकि, मौजूदा 28.4% की स्वीकृति दर डील को पूरा करने के लिए काफी कम है।
एक्टिविस्ट निवेशकों का अड़ंगा
डील के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़े एक्टिविस्ट निवेशकों का ग्रुप है। इसमें Petrus Advisers, Davidson Kempner और Syquant Capital जैसे नाम शामिल हैं, जिनके पास कंपनी के करीब 20.4% शेयर हैं। इन निवेशकों का कहना है कि यह ऑफर कंपनी की असल वैल्यू और मर्जर से होने वाले फायदे को नहीं दर्शाता। साथ ही, 15 महीने की लंबी देरी से भी वे नाखुश हैं।
अब क्या होगा?
डील को अंतिम रूप देने के लिए Tata Motors को 80% शेयरहोल्डर्स की मंजूरी चाहिए। यह लक्ष्य 16 अक्टूबर 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) पर निर्भर करता है। अगर उस मीटिंग में जरूरी प्रस्ताव पास नहीं हुआ, तो शर्तें और कठिन हो सकती हैं।
निवेशकों की नजरें अब 16 अक्टूबर की बैठक पर टिकी हैं। अगर 26 अक्टूबर तक 80% का थ्रेशोल्ड हासिल नहीं हुआ, तो यह बड़ा अंतरराष्ट्रीय सौदा फेल भी हो सकता है।
