JLR साइबर अटैक और असाधारण खर्चों का बोझ
Tata Motors को Q3 FY26 में हुए ₹3,486 करोड़ के भारी-भरकम नेट लॉस का सीधा संबंध ₹1,600 करोड़ के असाधारण खर्चों (exceptional items) से है। इन खर्चों में ₹800 करोड़ Jaguar Land Rover (JLR) पर हुए महंगे साइबर अटैक से निपटने के लिए रखे गए। इस डिजिटल सेंधमारी के चलते JLR को पांच हफ्तों तक प्रोडक्शन रोकनी पड़ी थी, जो अक्टूबर की शुरुआत तक चला। इसके अलावा, नए लेबर कोड लागू करने के लिए ₹400 करोड़ और स्टाम्प ड्यूटी के लिए ₹400 करोड़ का अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा। इन सबको मिलाकर, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) गिरकर -₹4,700 करोड़ पर पहुँच गया।
डोमेस्टिक सेल्स में उछाल के बावजूद रेवेन्यू में भारी गिरावट
एक तरफ जहां Tata Motors के डोमेस्टिक बिजनेस ने अच्छा प्रदर्शन किया, लोकल सेल्स और एक्सपोर्ट में 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं कंपनी के ऑपरेशंस से होने वाली कुल कमाई (Revenue) में भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 25% घटकर ₹69,605 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹93,823 करोड़ था। यह इस तिमाही के ₹71,714 करोड़ से 23.56% कम है। इस बड़ी गिरावट की मुख्य वजह JLR का खराब प्रदर्शन रहा, जहां सेल्स में 43% की भारी कमी देखी गई, क्योंकि प्रोडक्शन नवंबर के मध्य तक ही सामान्य हो पाई थी।
JLR की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर गहरा असर
JLR की ऑपरेटिंग प्रॉफिटेबिलिटी पर भी साइबर अटैक और प्रोडक्शन रुकने का गहरा असर पड़ा। कंपनी का अर्निंग्स बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस (EBIT) मार्जिन पिछले साल के +9% के मुकाबले घटकर -6.8% पर आ गया। JLR ने पूरे फाइनेंशियल ईयर (FY26) के लिए अपने EBIT मार्जिन का अनुमान घटाकर 0% से 2% के बीच कर दिया है। इससे पहले भी अमेरिकी टैरिफ और साइबर अटैक जैसे कारणों से इस अनुमान में दो बार कटौती की जा चुकी है।
