Tata Motors: Petronas के साथ मिलाया हाथ, पुराने ऑइल को रीसायकल करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू

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AuthorAditya Rao|Published at:
Tata Motors: Petronas के साथ मिलाया हाथ, पुराने ऑइल को रीसायकल करने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू

Tata Motors और Petronas Lubricants India ने महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पुराने ऑटोमोटिव ऑइल को रीसायकल करने के लिए एक पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। इस कदम का उद्देश्य EPR नियमों का पालन करते हुए खतरनाक कचरे को री-रिफाइंड बेस ऑइल में बदलना है।

Tata Motors और Petronas Lubricants India ने पुराने ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के कलेक्शन और रीसाइक्लिंग के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इस प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र और तमिलनाडु में एक सुरक्षित और ट्रैसेबल सिस्टम बनाया जा रहा है, जिससे खतरनाक वेस्ट ऑइल को री-रिफाइंड बेस ऑइल में बदला जा सके।

EPR नियमों का पालन

यह पहल मुख्य रूप से भारत के 'एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी' (EPR) फ्रेमवर्क के अनुपालन के लिए है। इन नए नियमों के तहत, अब कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स की पूरी लाइफ-साइकिल की जिम्मेदारी लेनी होगी। इस कदम से कंपनियां भविष्य में होने वाली कानूनी पेनाल्टी से बच सकेंगी।

सर्कुलर इकोनॉमी पर जोर

यह पार्टनरशिप Tata Motors की सर्कुलर इकोनॉमी की रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले कंपनी ने मई 2026 में Hindustan Petroleum (HPCL) और जून 2026 में Castrol India के साथ भी ऐसी ही साझेदारी की थी। कंपनी अपने मौजूदा सर्विस सेंटर्स को ही वेस्ट कलेक्शन पॉइंट के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जिससे लॉजिस्टिक्स आसान हो सके।

निवेशकों के लिए चेतावनी

हालांकि यह एक सस्टेनेबल कदम है, लेकिन खतरनाक कचरे का प्रबंधन करना काफी खर्चीला और चुनौतीपूर्ण हो सकता है। निवेशकों के लिए यह देखना जरूरी होगा कि क्या कंपनी इस मॉडल को देशभर में लागू करते समय अपने मार्जिन को बरकरार रख पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.