Tata Motors की पैसेंजर व्हीकल (PV) बिक्री के आंकड़े आ गए हैं, और इनमें Punch और Nexon जैसे SUVs का दबदबा साफ दिख रहा है। Q1 FY27 में इन मॉडल्स के प्रोडक्शन में **47%** की शानदार बढ़ोतरी हुई है। वहीं, Curvv और Sierra जैसे नए मॉडल्स का प्रोडक्शन लगभग तिगुना हो गया है। हालांकि, Tiago और Altroz जैसे एंट्री-लेवल सेगमेंट में गिरावट दर्ज की गई, जो कंज्यूमर की SUV की तरफ बढ़ते झुकाव को दर्शाता है।
SUV सेगमेंट में तूफानी रफ्तार
Tata Motors Passenger Vehicles Ltd (TMPVL) ने 2026-27 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही (Q1) के प्रोडक्शन और डोमेस्टिक सेल्स के आंकड़े जारी किए हैं। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV मॉडल्स, Punch और Nexon, का कंबाइंड प्रोडक्शन पिछले साल की समान तिमाही के 80,001 यूनिट्स के मुकाबले बढ़कर 117,711 यूनिट्स पर पहुंच गया है। यह 47% की जोरदार बढ़ोतरी है। डोमेस्टिक सेल्स में भी यही ट्रेंड दिखा, जो 115,882 यूनिट्स तक जा पहुंची।
नए और प्रीमियम मॉडल्स का जलवा
कंपनी की स्ट्रैटेजी बड़े और ज्यादा फीचर्स वाले व्हीकल्स पर फोकस करने की साफ झलक रही है। Curvv और Sierra जैसे नए मॉडल्स का प्रोडक्शन पिछले साल के 9,135 यूनिट्स से बढ़कर 25,790 यूनिट्स हो गया। वहीं, प्रीमियम SUV लाइनअप जिसमें Safari, Harrier और Sumo शामिल हैं, उसका प्रोडक्शन 6,488 यूनिट्स से बढ़कर 11,976 यूनिट्स पर पहुंच गया। यह दिखाता है कि कंपनी हाई-वैल्यू प्रोडक्ट्स की तरफ सफलतापूर्वक बढ़ रही है, जो आज के ऑटोमोबाइल मार्केट का एक अहम ट्रेंड है।
एंट्री-लेवल सेगमेंट पर दबाव
जहां SUV सेगमेंट में बंपर ग्रोथ दिखी, वहीं कंपनी के छोटे व्हीकल्स जैसे Tiago, Tigor, और Altroz के प्रोडक्शन में गिरावट आई है। इस सेगमेंट का आउटपुट 35,496 यूनिट्स से घटकर 30,163 यूनिट्स रह गया, और डोमेस्टिक सेल्स 27,017 यूनिट्स पर आ गिरी। यह इस बात का संकेत है कि बजट हैचबैक की डिमांड कम हो रही है क्योंकि ग्राहक मिड-साइज और कॉम्पैक्ट SUV को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हालांकि, इस सेगमेंट के एक्सपोर्ट में 2,038 यूनिट्स की बढ़ोतरी हुई, जिसने डोमेस्टिक गिरावट को कुछ हद तक संभाला।
वैल्यूएशन और मार्केट की चिंताएं
आज BSE पर Tata Motors के शेयर ₹346.95 पर बंद हुए, जिसमें 0.81% की मामूली बढ़त दर्ज की गई। SUVs की मजबूत प्रोडक्शन के बावजूद, कंपनी के वैल्यूएशन को लेकर कुछ चिंताएं बनी हुई हैं। Citi जैसे एनालिस्ट्स ने कंपनी के मजबूत प्रोडक्ट लाइनअप और आने वाले EV मॉडल्स के बावजूद वैल्यूएशन को लेकर सवाल उठाए हैं। निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी कैसे नए EV मॉडल्स के डेवलपमेंट की हाई कॉस्ट और SUV सेगमेंट में प्राइसिंग कंपटीशन के बीच प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखती है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या SUV सेगमेंट की ग्रोथ छोटे कारों के सेगमेंट में आई वॉल्यूम की गिरावट की भरपाई कर पाती है।
