Tata Motors ने Iveco Group के लिए **€3.82 बिलियन** का वॉलंटरी टेंडर ऑफर पेश कर दिया है। यह ऑफर **€14.10** प्रति शेयर पर है और **26 अक्टूबर, 2026** तक खुला रहेगा, जिसके सफल होने के लिए **95%** शेयरहोल्डर की मंजूरी अनिवार्य है।
Tata Motors ने अपनी सब्सिडियरी TML CV Holdings B.V. के जरिए Iveco Group N.V. को खरीदने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह अधिग्रहण कंपनी के यूरोपीय कमर्शियल व्हीकल मार्केट में कदम जमाने की एक बड़ी कोशिश है। इस ऑल-कैश डील की कुल वैल्यू लगभग €3.82 बिलियन आंकी गई है।
फंडिंग और स्ट्रैटेजी
ऑफर 7 सितंबर, 2026 से शुरू हो चुका है और इसके लिए कंपनी ने Morgan Stanley और MUFG Bank जैसी फाइनेंशियल संस्थाओं से डेट कमिटमेंट ले लिया है। खास बात यह है कि इस डील में Iveco का डिफेंस बिजनेस शामिल नहीं है, पूरा ध्यान केवल कोर कमर्शियल व्हीकल ऑपरेशंस पर है।
डील की शर्तें और चुनौतियां
इस अधिग्रहण की सफलता के लिए 95% शेयरों का टेंडर होना जरूरी है। हालांकि, 16 अक्टूबर, 2026 को होने वाली एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में अगर 'बैक-एंड रेजोल्यूशन' पास होता है, तो यह सीमा घटकर 80% हो सकती है। Exor N.V., जिसके पास 27% कॉमन इक्विटी है, ने पहले ही अपने शेयर बेचने की प्रतिबद्धता जता दी है, जो इस डील के लिए एक मजबूत संकेत है।
मार्केट और निवेशकों का सेंटीमेंट
Tata Motors का शेयर फिलहाल ₹458.50 के आसपास ट्रेड कर रहा है। साल की शुरुआत से अब तक इसमें 7.2% की बढ़त देखी गई है, लेकिन यह अभी भी अपने ₹509.00 के 52-वीक हाई से काफी नीचे है। निवेशक अभी सतर्क हैं, क्योंकि इतने बड़े कैश आउटफ्लो और संभावित कर्ज का असर कंपनी की बैलेंस शीट पर पड़ सकता है। भविष्य में दोनों कंपनियों के इंटीग्रेशन की सफलता ही तय करेगी कि यह डील शेयरधारकों के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी।
