Tata Motors के लिए एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कंपनी को Iveco Group के **€3.8 बिलियन** के अधिग्रहण के लिए यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) से अंतिम मंजूरी मिल गई है।
रेगुलेटरी बाधा पार
इस मंजूरी के साथ ही कंपनी की सब्सिडियरी, TML CV Holdings, अब Iveco के फाइनेंशियल सर्विसेज डिवीजन के अप्रत्यक्ष होल्डिंग्स के अधिग्रहण की ओर बढ़ सकेगी। इसमें IC Financial Services SA और CNH Industrial Capital Europe SAS जैसी इकाइयां शामिल हैं। यह डील अब तक €14.1 प्रति शेयर के भाव पर स्वैच्छिक टेंडर ऑफर के तहत चल रही है। इससे पहले कंपनी को जनवरी 2026 में UK के फाइनेंशियल कंडक्ट अथॉरिटी और जून 2026 में बैंक ऑफ स्पेन से भी क्लीयरेंस मिल चुका है।
निवेशकों के लिए जोखिम और चुनौतियां
यह अधिग्रहण कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव लाने वाला है। डील मुख्य रूप से 'ब्रिज डेट' (bridge debt) के जरिए फंड की जा रही है, जिससे निकट भविष्य में कंपनी का कर्ज और डेट-टू-इक्विटी रेशियो बढ़ सकता है। यूरोपीय बाजार की कार्यप्रणाली और लागत संरचना भारतीय बाजार से काफी अलग है, इसलिए Iveco के मैन्युफैक्चरिंग और फाइनेंसिंग ऑपरेशंस को टाटा मोटर्स के मौजूदा बिजनेस के साथ जोड़ना एक बड़ी चुनौती होगी। हालांकि, कंपनी ने अधिग्रहण के 2 साल के भीतर ईपीएस (EPS) को ब्रेक-इवन स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है।
आगे क्या होगा?
अब सबकी निगाहें इटली के बाजार नियामक 'Consob' पर टिकी हैं। Consob की समीक्षा पूरी होने के बाद ही ऑफर डॉक्यूमेंट फाइनल होगा। जैसे ही नियामक अपनी मंजूरी देगा, टाटा मोटर्स Iveco के शेयरधारकों के लिए औपचारिक टेंडर ऑफर पेश करेगी। निवेशकों को इस अंतिम रेगुलेटरी प्रक्रिया की टाइमलाइन पर करीब से नजर रखनी चाहिए।
